लम्हों का सफ़र
मन की अभिव्यक्ति का सफ़र
गौतम बुद्ध
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
गौतम बुद्ध
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, 20 अक्टूबर 2010
183. देव
›
देव *** देव! देव! देव! तुम कहाँ हो, क्यों चले गए? एक क्षण को न ठिठके तुम्हारे पाँव अबोध शिशु पर क्या ममत्व न उमड़ा क्या इतनी भी सुध ...
6 टिप्पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें