माँ
*******
1.
जिससे सीखा
सहनशील होना,
वो है मेरी माँ !
2.
माँ-सी है छवि
मुझमें बसी है माँ
माँ देती रूप !
3.
स्त्री है जननी
रच दिया संसार
पर लाचार !
4.
हर नारी माँ
हर बेटी होती माँ
मुझमें भी माँ !
5.
हर माँ देती
सूरज-सी रोशनी
निःस्वार्थ भाव !
6.
रचा संसार
मानी गई बेकार
जाने क्यों नारी ?
7.
धरा-सी धीर
बन कोख की ढ़ाल
प्रेम लुटाती !
8.
माँ की ममता
ब्रह्मांड है समाया
ओर न छोर !
9.
प्यार लुटाती
प्यार को तरसती
पीर लिए माँ !
10.
उसने छला
जिसके लिए मिटी
उसकी वो माँ !
11.
एक ही दिन
क्यों याद आती है वो ?
जो जन्म देती !
- जेन्नी शबनम (12. 5. 2013)
(मातृ दिवस पर )
______________________________ __