लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

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मंगलवार, 8 जनवरी 2019

599. हे नव वर्ष (नव वर्ष पर 5 हाइकु) पुस्तक- 103

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हे नव वर्ष  *******    1.    हे नव वर्ष    आख़िर आ ही गए,    पर जल्दी क्यों?    2.    उम्मीद जगी-    अच्छे दिन आएँगे    ...
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डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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