लम्हों का सफ़र
मन की अभिव्यक्ति का सफ़र
हम अब भी जीते हैं
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
हम अब भी जीते हैं
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 19 मार्च 2009
38. हम अब भी जीते हैं (तुकान्त)
›
हम अब भी जीते हैं ******* इश्क़ की हद, पूछते हैं आप बारहा हमसे क्या पता, हम तो हर सरहदों के पार जीते हैं । इश्क़ की रस्म से अनजान,...
1 टिप्पणी:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें