लम्हों का सफ़र
मन की अभिव्यक्ति का सफ़र
बुधवार, 18 फ़रवरी 2009
16. सुलगती ज़िन्दगी (क्षणिका)
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सुलगती ज़िन्दगी ******* मेरी नसों में लहू बनकर इक दर्द पिघलता है मेरी साँसों में ख़ुमार बनकर इक ज़ख़्म उतरता है इक ठंडी आग है समाती है...
बुधवार, 11 फ़रवरी 2009
15. ज़िन्दगी रेत का महल
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ज़िन्दगी रेत का महल ******* ज़िन्दगी रेत का महल है हर लहर आकर बिखेर जाती है, सपनों से रेत का महल हम फ़िर बनाते हैं जानते हैं बिखर जा...
14. तुमने सब दे दिया (अनुबन्ध/तुकान्त) (पुस्तक- नवधा))
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तुमने सब दे दिया *** एक इम्तिहान-सा था, कल जो आकर गुज़र गया वक़्त भी मुस्कुराया, जब तुमने मुझे जिता दिया । एक वादा था तुम्हारा, कि...
13. ज़ब्त-ए-ग़म (तुकान्त)
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ज़ब्त-ए-ग़म ******* सुर्ख़ स्याही से सफ़ेद पन्नों पर लिखी है किसी के ज़ब्त-ए-ग़म की तहरीर । शब्द के सीने में ज़ब्त है किसी के जज़्बात...
12. संतान की आहुति
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संतान की आहुति (यह सिर्फ़ कविता नहीं, आप सभी के सोचने के लिए सवाल है । परिवार द्वारा अपनी संतान का क़त्ल कर देना क्योंकि उसने प्रेम करने क...
11. मेरी बिटिया का जन्मदिन
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मेरी बिटिया का जन्मदिन ******* मेरी बिटिया का जन्मदिन आया, स्वर्णिम सुहाना नया सवेरा लाया जन्मदिन मनाने सूरज आया, सर्दी और नर्म धूप...
गुरुवार, 22 जनवरी 2009
10. यूँ ही चलने दो, यूँ ही जीने दो / Yun Hi Chalne Do, Yu Hin Jine Do
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यूँ ही चलने दो, यूँ ही जीने दो ******* ये क्या कह रहे हो? सब जानते तो हो तुम विध्वंस क्यों लाना चाहते हो? मृग-मरीचिका-सा न भटको तुम...
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मंगलवार, 20 जनवरी 2009
9. बस सुनो! मेरी सुनो! सुनते जाओ! / Bus Suno! Meri Suno! Sunte Jaao!
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बस सुनो! मेरी सुनो! सुनते जाओ! ******* कोई सवाल अब तुम तो न पूछो मेरा यकीन अब तुम तो न छीनो सवाल-जवाब और हिसाब-किताब की यूँ ही इंतिह...
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8. ख़्वाहिश (क्षणिका) / Khwaahish (kshanika)
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ख़्वाहिश ******* एक कतरा सूरज की किरण, एक चुटकी चाँद की चाँदनी एक अँजुरी जीने की ख़्वाहिश, एक मुट्ठी अरमानों की ज्वाला बस इतनी ही चाह ...
9 टिप्पणियां:
7. भीड़ / Bheed
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भीड़ *** मुझमे इतनी भीड़ इकट्ठी हो गई है कहाँ तलाशूँ ख़ुद को, कहाँ छुपाऊँ ख़ुद को? हर वक़्त गूँजता भीड़ का कोलाहल है कुछ सुन नहीं ...
6. एक जगह तलाश रही / Ek Jagah Talaash Rahi
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एक जगह तलाश रही ******* अपने लिए एक जगह तलाश रही कभी किसी के घर में कभी किसी के मन में , युगों से बेआसरा हूँ पनाह मिलती नहीं कहीं, बेवतन हू...
5. हम तन्हा हैं (क्षणिका) / Hum Tanha Hain (kshanika)
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हम तन्हा हैं ******* अपनी उदासियों का सबब किससे कहें? हम तन्हा हैं, न ख़ुदा है, न आप! - जेन्नी शबनम (1. 1. 1990) _________________...
4. आओ मेरे पास (क्षणिका) / Aao Mere Pass (kshanika)
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आओ मेरे पास ******* आओ बैठो मेरे पास जानूँ कि मैं तन्हा नहीं आओ निहारो मेरा वजूद जानूँ कि मैं अस्तित्वहीन नहीं आओ प्यार से छुओ मुझ...
3. नया साल - 2009 / Naya Saal - 2009
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नया साल - 2009 ******* भीग गई थीं पलकें, कल विदा हुआ पुराना साल आई फिर नई उमंगें, लेकर उम्मीदें नया साल नई तरंग, नई बहार, नई सुबह, नई ...
2. मेरे हिस्से का सब शेष हो गया / Mere Hisse Ka Sub Shesh Ho Gaya
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मेरे हिस्से का सब शेष हो गया *** जाने कितनी भूख है एक निवाले में ज़मीन-आसमान, चाँद-सितारे खा गई जाने कितनी प्यास है एक घूँट में नदी-...
1. मुनासिब नहीं है मेरा होना / Munaasib Nahin Hai Mera Hona
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मुनासिब नहीं है मेरा होना ******* तुम (पुरूष) कहते - मुनासिब नहीं है मेरा(स्त्री) होना, सच ही कहते हम हैं एक बेगाना सपना , तुम कहते...
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