लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

मंगलवार, 12 फ़रवरी 2019

605. बसन्त (क्षणिका)

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बसन्त    *******    मेरा जीवन मेरा बंधु    फिर भी निभ नहीं पाता बंधुत्व    किसकी चाकरी करता नित दिन    छुट गया मेरा निजत्व   ...
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शनिवार, 2 फ़रवरी 2019

604. काला जादू (पुस्तक-96)

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काला जादू    *******    जब भी, दिल खोलकर हँसती हूँ    जब भी, दिल खोलकर जीती हूँ    जब भी, मोहब्बत के आग़ोश में साँसें भरती हूँ   ...
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सोमवार, 28 जनवरी 2019

603. वक़्त की मर्ज़ी (चोका - 10)

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वक़्त की मर्ज़ी     ***    वक़्त की गति    करती निर्धारित    मन की दशा    हो मन प्रफुल्लित    वक़्त भागता    सूर्य की किरणों-सा ...
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शनिवार, 26 जनवरी 2019

602. प्रजातन्त्र

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प्रजातन्त्र     ***    मुझपर इल्ज़ाम है उनकी ही तरह,  जो कहते हैं     ''देश के माहौल से डर लगता है''    हाँ! मैं मानती हूँ म...
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रविवार, 20 जनवरी 2019

601. फ़रिश्ता (क्षणिका)

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फ़रिश्ता      *******      सुनती हूँ कि कोई फ़रिश्ता है  जो सब का हाल जानता है  पर मेरा? मुझे नहीं जानता वह  पर तुम मुझे जानते हो ...
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बुधवार, 9 जनवरी 2019

600. अंतर्मन (15 क्षणिकाएँ)

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अंतर्मन  *******    1.  अंतर्मन  ***    मेरे अंतर्मन में पड़ी हैं    ढेरों अनकही कविताएँ    तुम मिलो कभी    तो फ़ुर्सत में स...
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मंगलवार, 8 जनवरी 2019

599. हे नव वर्ष (नव वर्ष पर 5 हाइकु) पुस्तक- 103

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हे नव वर्ष  *******    1.    हे नव वर्ष    आख़िर आ ही गए,    पर जल्दी क्यों?    2.    उम्मीद जगी-    अच्छे दिन आएँगे    ...
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रविवार, 30 दिसंबर 2018

598. वृद्ध जीवन (वृद्धावस्था पर 20 हाइकु)

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वृद्ध जीवन  ***    1.    उम्र की साँझ    बेहद डरावनी    टूटती आस।    2.    अटकी साँस    बुढ़ापे की थकान    मन बेहाल।...
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मंगलवार, 25 दिसंबर 2018

597. बातें (क्षणिका)

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बातें  *******    रात के अँधेरे में  ढेरों बातें करती हूँ  जानती हूँ मेरे साथ  तुम कहीं नहीं थे, तुम कभी नहीं थे  पर सोचती रहती ह...
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बुधवार, 19 दिसंबर 2018

596. दुःख (दुःख पर 10 हाइकु)

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दुःख (10 हाइकु)    *** 1.    दुःख का पारा  सातवें आसमाँ पे    मन झुलसा ।      2.    दुःख का लड्डु    रोज़-रोज़ यूँ खाना...
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बुधवार, 5 दिसंबर 2018

595. अर्थ ढूँढ़ता (10 हाइकु) पुस्तक -99, 100

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अर्थ ढूँढ़ता  *******    1.    मन सोचता-    जीवन होता है क्या?    अर्थ ढूँढता।    2.    बसंत आया    रिश्तों में रंग ...
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गुरुवार, 22 नवंबर 2018

594. रूठना (क्षणिका)

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रूठना    *******    जब भी रूठी    खो देने के भय से ख़ुद ही मान गई    रूठने की आदत तो बिदाई के वक्त    खोंइचा से निकाल नइहर छोड...
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शनिवार, 17 नवंबर 2018

593. लौट जाऊँगी

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लौट जाऊँगी   *******    कब कहाँ खो आई ख़ुद को    कब से तलाश रही हूँ ख़ुद को    बात-बात पर कभी रूठती थी    अब रूठूँ तो मनाएगा...
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बुधवार, 7 नवंबर 2018

592. रंगीली दिवाली (दिवाली पर 10 हाइकु) पुस्तक 98,99

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रंगीली दिवाली ******* 1. छबीला दीया ये रंगीली दीवाली बिखेरे छटा।  2. साँझ के दीप अँधेरे से लड़ते वीर सिपाही। 3....
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बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

591. चाँद की पूरनमासी

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चाँद की पूरनमासी ***  चाँद तेरे रूप में अब किसको निहारूँ?    वह जो बचपन में दूर का खिलौना था    या सफ़ेद बालों वाली बुढ़िया  जो चरखे से रूई ...
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रविवार, 14 अक्टूबर 2018

590. वर्षा (5 ताँका)

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वर्षा     ***    1.    वर्षा की बूँदें    उछलती-गिरती    ठौर न पातीं     मौसम बरसाती    माटी को तलाशती।    2.    ...
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सोमवार, 8 अक्टूबर 2018

589. अनुभूतियाँ (क्षणिका)

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अनुभूतियाँ    *******    कुछ अनुभूतियाँ, आकाश के माथे का चुम्बन है    कुछ अनुभूतियाँ, सूरज की ऊर्जा का आलिंगन है    हर चाहना हर ...
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मंगलवार, 2 अक्टूबर 2018

588. नमन बापू (चोका - 9)

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नमन बापू     ***    जन्म तुम्हारा    सौभाग्य है हमारा    तुमने दिया    जग को नया ज्ञान    हारे-पिछड़े    थे वक़्त के जो मार...
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शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

587. मीठी-सी बोली (हिन्दी दिवस पर 10 हाइकु)

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मीठी-सी बोली  ***    1.    मीठी-सी   बोली    मातृभाषा हमारी    ज्यों   मिश्री   घुली ।      2.    हिन्दी   है   रोती ...
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सोमवार, 10 सितंबर 2018

586. चाँद रोज़ जलता है (तुकांत)

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चाँद रोज़ जलता है    *******    तूने ज़ख़्म दिया तूने कूरेदा है    अब मत कहना क़हर कैसा दिखता है।    राख में चिंगारी तूने ही द...
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शनिवार, 1 सितंबर 2018

585. फ़ॉर्मूला (पुस्तक 65)

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फ़ॉर्मूला    *******    मत पूछो ऐसे सवाल    जिसके जवाब से तुम अपरिचित हो    तुम स्त्री-से नहीं हो    समझ न सकोगे  स्त्री के ज...
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डॉ. जेन्नी शबनम
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'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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