लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

रविवार, 26 अप्रैल 2020

657. झरोखा

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झरोखा ***  समय का यह दौर    जीवन की अहमियत  जीवन की ज़रूरत सिखा रहा है।      मुश्किल के इस रंगमहल में    आशाओं का एक झरोखा  जिसे...
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सोमवार, 20 अप्रैल 2020

656. सच (9 क्षणिका)

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1.  सच   ***   न कोई कल था   न कोई आज है   जो पाया, सब खोया   जीवन का यही सच है।   __________________ 2.  संवेदना  ...
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गुरुवार, 9 अप्रैल 2020

655. फूल यूँ खिले (10 हाइकु) पुस्तक 116,117

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फूल यूँ खिले  *******   1.   फूल यूँ खिले,   गलबहियाँ डाले   बैठे हों बच्चे ।      2.   अम्बर रोया,   ज्यों बच्चे से ...
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बुधवार, 8 अप्रैल 2020

654. समय चक्र (10 क्षणिका)

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क्षणिकाएँ  *******   1.  समय चक्र   ***   समय चक्र और जीवन चक्र   दोनों घूम रहे हैं   उन्हें रोकने की कोशिशों में   मेरे दोनों हाथ छ...
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रविवार, 5 अप्रैल 2020

653. मन का दीया (दीया पर 5 हाइकु) पुस्तक 116

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मन का दीया   ******* 1.   आस्था का दीया   बुझने मत देना   ख़ुद के प्रति ।    2.  देता सन्देश   जल-जल के दीया-   र...
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शनिवार, 4 अप्रैल 2020

652. शाम (क्षणिका)

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शाम   *******      ऐसी शाम जब थका हारा जीवन अपने अंत पर हो   एक बड़ा चमत्कार हो जाए   ढलता सूरज सब जान जाए   भेज दे अपने रथ से थोड...
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गुरुवार, 26 मार्च 2020

651. एकान्त

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एकान्त     *** अपने आलीशान एकान्त में    सिर्फ़ अपने साथ रहने का मन है    जिन बातों को जिलाया मन में    स्वयं को वह सब कहने का ...
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शुक्रवार, 20 मार्च 2020

650. गौरैया (गौरैया पर 15 हाइकु) पुस्तक- 114-116

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गौरैया   (गौरैया पर 15 हाइकु) ******* 1.   ओ री गौरैया,   तुम फिर से आना   मेरे अँगना।   2.   मेरी गौरैया   चीं ची...
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शनिवार, 14 मार्च 2020

649. रंगीली होली (होली पर 9 हाइकु) पुस्तक 113, 114

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रंगीली होली  ******* 1.   होली की टोली   बैर-भाव बिसरे   रंगीली होली।   2.   रंगों की मस्ती   चेहरे भोले-भाले    रं...
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रविवार, 8 मार्च 2020

648. पूरक

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पूरक  *******   ओ साथी!  अपना वजूद तलाशो, दूसरों का नष्ट न करो    एक ही तराजू से, हम सभी को न तौलो    जीवन जो नेमत है, हम सभी...
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शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

647. फ़ितरत

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फ़ितरत  *******  थोड़ा फ़लसफ़ा थोड़ी उम्मीद लेकर  चलो फिर से शुरू करते हैं सफ़र  जिसे छोड़ा था हमने तब  जब ज़िन्दगी बहुत बेतरतीब ...
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शनिवार, 15 फ़रवरी 2020

646. भोली-भाली

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भोली-भाली  *******   मेरी बातें भोली-भाली   जीभर कर हैं हँसने वाली   बात तुम्हारी जीवन वाली   इक जीवन में ढलने वाली   दुःख की बात...
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शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

645. साथी

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साथी   *******   मेरी हँसी खो गई साथी   मेरी यादें रूठ गईं साथी   दिन महीने और साल बीते   न जाने कब और कैसे बीते   हम संग-...
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रविवार, 2 फ़रवरी 2020

644. ऑक्सीजन

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ऑक्सीजन  *******   मेरे पुरसुकून जीवन के वास्ते   तुम्हारा सुझाव-   जीवन जीने के लिए प्रेम   प्रेम करने के लिए साँसें   साँसें ...
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सोमवार, 27 जनवरी 2020

643. बेफ़िक्र धूप (ठण्ड पर 10 हाइकु)

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बेफ़िक्र धूप  ***    1.    ठठ्ठा करता    लुका-चोरी खेलता    मुआ सूरज।    2.    बेफ़िक्र धूप    इठलाती निकली    मुँह च...
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गुरुवार, 23 जनवरी 2020

642. एक शाम ऐसी भी

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एक शाम ऐसी भी  *******    एक शाम ऐसी भी, एक मुलाक़ात ऐसी भी    बहुत-बहुत ख़ास जैसी भी    जीवन का एक रंग यह भी, जीवन का एक पड़ाव यह भ...
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सोमवार, 13 जनवरी 2020

641. प्यार करते रहे (तुकांत)

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प्यार करते रहे  *******  तुम न समझे फिर भी हम कहते रहे  प्यार था हम प्यार ही करते रहे ।      छाँव की बातें कहीं, और चल दिए   ...
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बुधवार, 1 जनवरी 2020

640. जो देखा जो सुना

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जो देखा जो सुना    *******    जो देखा-सुना जो जिया-गुना    वह लिखा वह सब लिखा    जो मन ने कहा जो मन में पला    वह लिखा बस वही ल...
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सोमवार, 2 दिसंबर 2019

639. सवाल (5 क्षणिका)

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सवाल  *******    1.  कुछ सवाल ***   कुछ सवाल ठहर जाते हैं मन में  माकूल जवाब मालूम है  मगर कहने की हिमाकत नहीं होती  कुछ सव...
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शनिवार, 16 नवंबर 2019

638. धरोहर

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धरोहर  *******  मेरी धरोहरों में कई ऐसी चीज़ें हैं    जो मुझे बयान करती हैं, मेरी पहचान करती हैं    कुछ पुस्तकें, जिनमें लेखकों के हस्ताक्ष...
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गुरुवार, 7 नवंबर 2019

637. महज़ नाम (क्षणिका)

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महज़ नाम  *******    सोचती थी, किसी के आँचल में हर वेदना मिट जाती है    पर भाव बदल जाते हैं, तो संवेदना मिट जाती है    न किसी प्यार ...
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बुधवार, 6 नवंबर 2019

636. रेगिस्तान (क्षणिका)

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रेगिस्तान  *******     आँखें अब रेगिस्तान बन गई हैं  यहाँ न सपने उगते हैं न बारिश होती है  धूल-भरी आँधियों से  रेत पे गढ़े वे सारे हर...
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रविवार, 27 अक्टूबर 2019

635. दिवाली (दिवाली पर 7 हाइकु) पुस्तक - 112

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दिवाली  (दिवाली पर 7 हाइकु)    *******    1.    सुख समृद्धि    हर घर पहुँचे    दीये कहते।    2.    मन से देता    स...
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गुरुवार, 24 अक्टूबर 2019

634. दंगा

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दंगा   ***    किसी ने कहा ये हिन्दू मरा    कोई कहे ये मुसलमान था    अपने-अपने दड़बे में क़ैद     बँटा सारा हिन्दुस्तान था ।  ...
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शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019

633. चाँद (चाँद पर 10 हाइकु) पुस्तक 111,112

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चाँद  *******    1.    बिछ जो गई    रोशनी की चादर    चाँद है खुश।    2.    सबका प्यारा    कई रिश्तों में दिखा    द...
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सोमवार, 14 अक्टूबर 2019

632. रिश्ते (रिश्ते पर 10 हाइकु) पुस्तक - 110,111

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रिश्ते *******  1.    कौन समझे    मन की संवेदना    रिश्ते जो टूटे।    2.    नहीं अपना    कौन किससे कहे    मन की व्यथ...
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गुरुवार, 10 अक्टूबर 2019

631. जीवन की गंध (क्षणिका)

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जीवन की गंध    *******    यहाँ भी कोई नहीं, वहाँ भी कोई नहीं  नितान्त अकेले तय करना है  तमाम राहों को पार करना है पाप-पुण्य, स...
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बुधवार, 9 अक्टूबर 2019

630. जादुई नगरी

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जादुई नगरी *******  तुम प्रेम नगर के राजा हो    मैं परी देश की हूँ रानी    पँखों पर तुम्हें बिठाकर मैं    ले जाऊँ सपनो की नगरी।...
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सोमवार, 30 सितंबर 2019

629. साँझ (साँझ पर 10 हाइकु) पुस्तक - 109,110

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साँझ  *******    1.    साँझ पसरी    ''लौट आ मेरे चिड़े!''    अम्मा कहती।    2.    साँझ की वेला    अप...
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गुरुवार, 26 सितंबर 2019

628. गुम सवाल (क्षणिका)

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गुम सवाल    ******    ज़िन्दगी जब भी सवालों में उलझी    मिल न पाया कोई माकूल जवाब    फिर ठठाकर हँस पड़ी    और गुम कर दिया सवा...
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गुरुवार, 19 सितंबर 2019

627. तमाशा

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तमाशा  ***   सच को झूठ, झूठ को सच कहती है दुनिया    इसी सच-झूठ के दरमियान रहती है दुनिया    ख़ून के नाते हों या क़िस्मत के नाते   ...
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शनिवार, 14 सितंबर 2019

626. क्षणिक बहार

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क्षणिक बहार    ***    आज वह ख़ूब चहक रही है    मन-ही-मन में बहक रही है  साल भर से वह, जो कच्ची थी  उसका दिन है, तो पक रही है। ...
मंगलवार, 3 सितंबर 2019

625. परम्परा (क्षणिका)

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परम्परा    *******    मन के अवसाद को    चूड़ियों की खनक, बिन्दी के आकार    होठों की लाली और मुस्कुराहट में दफ़नाकर  खिलखिलाकर ...
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शनिवार, 31 अगस्त 2019

624. कश

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कश    *******    "मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया    हर फ़िक्र को धुँए में उड़ाता चला गया"  रफी साहब ने गा दिया  देवानं...
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मंगलवार, 27 अगस्त 2019

623. अकेले हम (5 हाइकु) पुस्तक 108,109

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अकेले हम *******    1. ज़िन्दगी यही    चलना होगा तन्हा    अकेले हम।    2. राहें ख़ामोश    सन्नाटा है पसरा    अकेले...
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मंगलवार, 20 अगस्त 2019

622. औरत (10 क्षणिका)

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औरत  ******* 1. औरत  ***    एक चुटकी नमक    एक चुटकी सिन्दूर    एक चुटकी ज़हर    मुझे औरत करते रहे    ज़िन्दगी भर।    2...
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गुरुवार, 1 अगस्त 2019

621. उधार

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उधार  ***  कुछ रंग जो मेरे हिस्से में नहीं थे  मैंने उधार लिए मौसम से    पर न जाने क्यों    ये बेपरवाह मौसम मुझसे लड़ रहा है  ...
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गुरुवार, 18 जुलाई 2019

620. जीवन-युद्ध

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जीवन-युद्ध     ***    यादों के गलियारे से गुज़रते हुए    मुमकिन है यादों को धकेलते हुए    जीवन के पार तो आ गई     पर राहों में पड़ी छोटी-छो...
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सोमवार, 15 जुलाई 2019

619. हे वर्षा रानी (10 ताँका)

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हे वर्षा रानी     ***    1. तपती धरा    तन भी तप उठा    बदरा छाए    घूम-घूम गरजे    मन का भौंरा नाचे।    2.    कूकी...
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डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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