लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

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शुक्रवार, 9 अप्रैल 2021

716. ज़िन्दगी भी ढलती है

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ज़िन्दगी भी ढलती है  *******  पीड़ा धीरे-धीरे पिघल, आँसुओं में ढलती है    वक़्त की पाबन्दी है, ज़िन्दगी भी ढलती है ।    अजब व्यथा है, सुबह और श...
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बुधवार, 20 जनवरी 2021

709. बात इतनी सी है

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बात इतनी सी है  *******  चले थे साथ बात इतनी सी है    जिए पर तन्हा बात इतनी सी है।    वे मसरूफ़ रहते तो बात न थी    मग़रूर हुए बात इतनी सी है।...
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डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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