लम्हों का सफ़र
मन की अभिव्यक्ति का सफ़र
तुकबन्दी
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
तुकबन्दी
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
शुक्रवार, 9 अप्रैल 2021
716. ज़िन्दगी भी ढलती है
›
ज़िन्दगी भी ढलती है ******* पीड़ा धीरे-धीरे पिघल, आँसुओं में ढलती है वक़्त की पाबन्दी है, ज़िन्दगी भी ढलती है । अजब व्यथा है, सुबह और श...
12 टिप्पणियां:
बुधवार, 20 जनवरी 2021
709. बात इतनी सी है
›
बात इतनी सी है ******* चले थे साथ बात इतनी सी है जिए पर तन्हा बात इतनी सी है। वे मसरूफ़ रहते तो बात न थी मग़रूर हुए बात इतनी सी है।...
12 टिप्पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें