लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

पुस्तक पेज - 48 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
पुस्तक पेज - 48 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 24 मई 2012

346. कभी न मानूँ (पुस्तक - 48)

›
कभी न मानूँ ******* जी चाहता है,  विद्रोह कर दूँ  अबकी जो रूठूँ,  कभी न मानूँ मनाता तो यूँ भी नहीं कोई  फिर भी बार-बार रूठती हू...
22 टिप्‍पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.