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शब ने पाले ही नहीं थे
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शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2009
88. शब ने पाले ही नहीं थे (तुकान्त) / shab ne paale hi nahin theye (tukaant)
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शब ने पाले ही नहीं थे ******* कुछ लम्हे ऐसे रूठ गए हैं, जैसे साथ कभी हम जिए ही नहीं थे यूँ कि कोई साथी छूट जाए, जैसे साथ कभी हम चले ही...
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