प्रचण्ड गर्मी
***
1.
प्रचण्ड गर्मी
धरा उबल रही
सूर्य अलाव।
2.
तपती धरा
हाहाकार है मचा
सूर्य अंगारा।
3.
लू के थपेड़े
सूर्य आग उगले
सब झुलसे।
4.
रहम करो
प्रकृति पुकारती
सूर्य बहरा।
5.
पड़ा महँगा
प्रकृति से खेलना
क्रूर सूरज।
6.
खेत झुलसा
जीवन का बन्धन
साथ ही टूटा।
7.
प्यासे बेहाल
जीव-जंतु तड़पें
पानी है खोजें।
8.
पी गया सूर्य
धरा हुई निर्जल
मृत तलैया।
9.
साँसें ले आईं
खिला गुलमोहर
गरम हवा।
10.
शैतान सूर्य
आग है बरसाता
गर्मी का राजा।
1.
प्रचण्ड गर्मी
धरा उबल रही
सूर्य अलाव।
2.
तपती धरा
हाहाकार है मचा
सूर्य अंगारा।
3.
लू के थपेड़े
सूर्य आग उगले
सब झुलसे।
4.
रहम करो
प्रकृति पुकारती
सूर्य बहरा।
5.
पड़ा महँगा
प्रकृति से खेलना
क्रूर सूरज।
6.
खेत झुलसा
जीवन का बन्धन
साथ ही टूटा।
7.
प्यासे बेहाल
जीव-जंतु तड़पें
पानी है खोजें।
8.
पी गया सूर्य
धरा हुई निर्जल
मृत तलैया।
9.
साँसें ले आईं
खिला गुलमोहर
गरम हवा।
10.
शैतान सूर्य
आग है बरसाता
गर्मी का राजा।
-जेन्नी शबनम (24.5.2026)
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जवाब देंहटाएंआपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 27 मई 2026 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!
सूरज को तो खबर भी नहीं, वह तो जैसे सदा से जलता आया है, जल रहा है, आदमी अपने ही किए की सजा भोगता है, किया उसका फल रहा है
जवाब देंहटाएंसही कहा। प्रकृति को हमलोग ने असंतुलित कर दिया है, जिसका फल भुगत रहे
हटाएंबहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंशुक्रिया
हटाएंवाह
जवाब देंहटाएं