लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

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सोमवार, 31 मई 2021

722. सिगरेट (5 कविता)

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सिगरेट   *** 1.  अदना-सी सिगरेट (नवधा-197) ***  क्यों कहते हो कि उसे छोड़ दूँ  अदना-सी, वह क्या बिगाड़ती है तुम्हारा? मैंने समय इसके साथ ही गु...
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डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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