लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

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गुरुवार, 18 मार्च 2021

713. अनाथ

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अनाथ  ***  काश! हवा या धुआँ बनकर    आसमान में जाती    चाँद की चाँदनी में उन तारों को ढूँढती    जो बचपन में मेरे पापा बन गए    और अब माँ भी उ...
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डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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