लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

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गुरुवार, 11 मई 2017

545. हमारी माटी (गाँव पर 20 हाइकु)

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हमारी माटी     ***   1.   किरणें आईं    खेतों को यूँ जगाती    जैसे हो माई।   2.   सूरज जागा   पेड़-पौधे मुस्काए   ...
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डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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