लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

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सोमवार, 13 मार्च 2017

538. जागा फागुन (होली के 10 हाइकु)

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जागा फागुन  ***   1.   होली कहती-   खेलो रंग गुलाल   भूलो मलाल ।      2.   जागा फागुन   एक साल के बाद,   खिलखिला...
7 टिप्‍पणियां:
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डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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