लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

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बुधवार, 15 अगस्त 2018

582. सिंहनाद करो

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सिंहनाद करो     ***    व्यर्थ लगता है    शब्दों में समेटकर  हिम्मत में लपेटकर  अपनी संवेदनाओं को  अभिव्यक्त करना।    हम जिसे अपनी आज़ादी कहत...
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डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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