लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

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शुक्रवार, 30 जून 2017

549. धरा बनी अलाव (गर्मी के 10 हाइकु)

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धरा बनी अलाव   ***   1.   दोषी है कौन?   धरा बनी अलाव,   हमारा कर्म ।      2.   आग उगल   रवि गर्व से बोला-   स...
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डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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