लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

बुधवार, 18 अप्रैल 2018

572. विनती (क्षणिका)

›
विनती    *******    समय की शिला पर    जाने किस घड़ी लिखी जीवन की इबारत मैंने    ताउम्र मैं व्याकुल रही और वक़्त तड़प गया    वक़्त को पक...
2 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 12 अप्रैल 2018

571. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (पुस्तक- 69)

›
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ   *******    वो कहते हैं-    बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।    मेरे भी सपने थे,  बेटी को पढ़ाने के    किसी राजकुम...
5 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 31 मार्च 2018

570. कैक्टस (पुस्तक - 71)

›
कैक्टस   *******   एक कैक्टस मुझमें भी पनप गया है   जिसके काँटे चुभते हैं मुझको   और लहू टपकता है   चाहती हूँ,  हँसू खिलखिला...
5 टिप्‍पणियां:
रविवार, 18 मार्च 2018

569. ज़िद्दी मन (क्षणिका)

›
ज़िद्दी मन   *******   ज़िद्दी मन ज़िद करता है  जो नहीं मिलता वही चाहता है   तारों से भी दूर मंज़िल ढूँढता है   यायावर-सा भटकता है   ज़...
8 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 8 मार्च 2018

568. पायदान (क्षणिका)

›
पायदान   *******   सीढ़ी की पहली पायदान हूँ मैं   जिसपर चढ़कर  समय ने छलाँग मारी   और चढ़ गया आसमान पर   मैं ठिठककर तब से खड़ी   काल-चक्र...
7 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 30 जनवरी 2018

567. मरघट (क्षणिका)

›
मरघट   *******   रिश्तों के मरघट में चिता है नातों की   जीवन के संग्राम में दौड़ है साँसों की   कब कौन बढ़े कब कौन थमे   कोल...
14 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 18 जनवरी 2018

566. अँधेरा (क्षणिका)

›
अँधेरा  *******    उम्र की माचिस में ख़ुशियों की तीलियाँ   एक रोज़ सारी जल गईं, डिबिया ख़ाली हो गई   मैं आधे पायदान पर खड़ी होकर   हर...
7 टिप्‍पणियां:
रविवार, 7 जनवरी 2018

565. धरातल

›
धरातल    ***   ग़ैरों की दास्ताँ क्यों सुनूँ?   अपनी राह क्यों न बनाऊँ?   जो पसन्द, बस वही क्यों न करूँ?   दूसरों के कहे से जीवन क्यों जीऊँ...
5 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 28 दिसंबर 2017

564. हाइकु काव्य (हाइकु पर 10 हाइकु) पुस्तक 95, 96

›
हाइकु काव्य     *******   1.   मन के भाव   छटा जो बिखेरते   हाइकु होते।   2.   चंद अक्षर   सम्पूर्ण गाथा गहे   हाइकु प्यार...
9 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 16 नवंबर 2017

563. यक़ीन (क्षणिका)

›
यक़ीन *******     मुझे यक़ीन है   एक दिन बंद दरवाज़ों से निकलेगी  सुबह की किरणों का आवभगत करेगी  रात की चाँदनी में नहाएगी, कोई ...
12 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 14 नवंबर 2017

562. फ़्लाइओवर

›
फ़्लाइओवर   ***   एक उम्र नहीं, एक रिश्ता नहीं   कई किस्तों में, कई हिस्सों में   बीत जाता है जीवन   किसी फ़्लाइओवर के नीचे   प्लास्टिक के क...
1 टिप्पणी:
मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017

561. दीयों की पाँत (दिवाली के 10 हाइकु) पुस्तक- 94,95

›
दीयों की पाँत  ***   1.   तम हरता   उजियारा फैलाता   मन का दीया ।      2.   जाग्रत हुई   रोशनी में नहाई   दिवाली-रात ...
3 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 7 अक्टूबर 2017

560. महाशाप

›
महाशाप   *******   किसी   ऋषि   ने   जाने किस   युग   में   किस   रोष   में  दे   दिया   होगा सूरज को महाशाप नियमित,   अनवरत...
8 टिप्‍पणियां:
रविवार, 17 सितंबर 2017

559. कैसी ज़िन्दगी? (10 ताँका)

›
कैसी ज़िन्दगी?     ***   1.   हाल बेहाल   मन में है मलाल   कैसी ज़िन्दगी?   जहाँ धूप न छाँव   न तो अपना गाँव।    2.  ...
2 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

558. हिसाब-किताब के रिश्ते (तुकांत)

›
हिसाब-किताब के रिश्ते   *******   दिल की बातों में ये हिसाब-किताब के रिश्ते   परखते रहे कसौटी पर बेकाम के रिश्ते ।   वक़्त के छ...
10 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

557. सूरज की पार्टी (11 बाल हाइकु) पुस्तक 93,94

›
सूरज की पार्टी   ******* 1.   आम है आया   सूरज की पार्टी में   जश्न मनाया ।      2.   फलों का राजा   शान से मुस्कुरात...
4 टिप्‍पणियां:
रविवार, 27 अगस्त 2017

556. बादल राजा (बरसात पर 10 हाइकु) पुस्तक 92, 93

›
बादल राजा    *******   1.   ओ मेघ राजा   अब तो बरस जा   भगा दे गर्मी ।      2.   बदली रानी   झूम-झूम बरसी   ना...
2 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.