लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

गुरुवार, 1 अगस्त 2019

621. उधार

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उधार  ***  कुछ रंग जो मेरे हिस्से में नहीं थे  मैंने उधार लिए मौसम से    पर न जाने क्यों    ये बेपरवाह मौसम मुझसे लड़ रहा है  ...
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गुरुवार, 18 जुलाई 2019

620. जीवन-युद्ध

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जीवन-युद्ध     ***    यादों के गलियारे से गुज़रते हुए    मुमकिन है यादों को धकेलते हुए    जीवन के पार तो आ गई     पर राहों में पड़ी छोटी-छो...
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सोमवार, 15 जुलाई 2019

619. हे वर्षा रानी (10 ताँका)

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हे वर्षा रानी     ***    1. तपती धरा    तन भी तप उठा    बदरा छाए    घूम-घूम गरजे    मन का भौंरा नाचे।    2.    कूकी...
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गुरुवार, 4 जुलाई 2019

618. जीवन-पथ (चोका - 12)

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जीवन-पथ     ***    जीवन-पथ    उबड़-खाबड़-से  टेढ़े-मेढ़े-से    गिरते-पड़ते भी    होता चलना,    पथ कँटीले सही    पथरीले भी  ...
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सोमवार, 1 जुलाई 2019

617. सरमाया (क्षणिका)

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सरमाया    *******    ये कैसा दौर आया है,  पहर-पहर भरमाया है    कुछ माँगूँ तो ईमान मरे,  न माँगूँ तो ख़्वाब मरे    क़िस्मत से धक्का...
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सोमवार, 17 जून 2019

616. कड़ी

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कड़ी    ******* अतीत की एक कड़ी    मैं ख़ुद हूँ    मन के कोने में, सबकी नज़रों से छुपाकर    अपने पिता को जीवित रखा है    जब-जब...
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शुक्रवार, 7 जून 2019

615. नहीं आता (अनुबन्ध/तुकान्त)

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नहीं आता    *******    ग़ज़ल नहीं कहती    यूँ कि मुझे कहना नहीं आता    चाहती तो हूँ मगर    मन का भेद खोलना नहीं आता।    बसर त...
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शनिवार, 1 जून 2019

614. नज़रबंद

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नज़रबंद    *******    ज़िन्दगी मुझसे भागती रही    मैं दौड़ती रही, पीछा करती रही    एक दिन आख़िर वो पकड़ में आई    ख़ुद ही जैसे मेर...
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बुधवार, 1 मई 2019

613. अधिकार और कर्त्तव्य

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अधिकार और कर्त्तव्य     ***    अधिकार है तुम्हें    कर सकते हो  हर वह काम  जो जायज़ नहीं है    पर हमें इजाज़त नहीं कि हम प्रतिरोध करें  कर्त...
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रविवार, 31 मार्च 2019

612. प्रकृति (20 हाइकु) पुस्तक 106-109

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प्रकृति      *******    1.    प्यार मिलता    तभी खिलखिलाता    प्रकृति-शिशु।    2.    अद्भुत लीला    प्रकृति प्राण देती...
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गुरुवार, 28 मार्च 2019

611. जीवन मेरा (चोका - 11)

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जीवन मेरा     ***    मेरे हिस्से में    ये कैसा सफ़र है    रात व दिन    चलना जीवन है,    थक जो गए    कहीं ठौर न मिला    ...
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रविवार, 24 मार्च 2019

610. परम्परा

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परम्परा    *******       मैं उदासी नहीं चाहती थी    मैं तो खिलखिलाना चाहती थी    आज़ाद पंक्षियों-सा उड़ना चाहती थी    हर रोज़ ...
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गुरुवार, 21 मार्च 2019

609. रंगों की होली (10 हाइकु) पुस्तक - 105, 106

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रंगों की होली      *******    1.    रंगो की होली    गाँठ मन की खोली    प्रीत बरसी।    2.    पावन होली    मन है सतरंगी ...
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मंगलवार, 19 मार्च 2019

608. स्वीकार (क्षणिका)

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स्वीकार    *******    मैं अपने आप से मिलना नहीं चाहती    जानती हूँ ख़ुद से मिलूँगी तो    जी नहीं पाऊँगी    जीवित रहने के लिए   ...
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शुक्रवार, 8 मार्च 2019

607. पानी और स्त्री

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पानी और स्त्री  *******    बचपन में पढ़ा-    पानी होता है रंगहीन गंधहीन    जिसे जहाँ रखा उस साँचे में ढला     ख़ूब गर्म किया भाप...
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मंगलवार, 19 फ़रवरी 2019

606. आँख (आँख पर 20 हाइकु) पुस्तक - 103-105

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आँख     *******    1.    पट खोलती    दुनिया निहारती    आँखें झरोखा।    2.    आँखों की भाषा    गर समझ सको    मन को...
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मंगलवार, 12 फ़रवरी 2019

605. बसन्त (क्षणिका)

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बसन्त    *******    मेरा जीवन मेरा बंधु    फिर भी निभ नहीं पाता बंधुत्व    किसकी चाकरी करता नित दिन    छुट गया मेरा निजत्व   ...
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शनिवार, 2 फ़रवरी 2019

604. काला जादू (पुस्तक-96)

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काला जादू    *******    जब भी, दिल खोलकर हँसती हूँ    जब भी, दिल खोलकर जीती हूँ    जब भी, मोहब्बत के आग़ोश में साँसें भरती हूँ   ...
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सोमवार, 28 जनवरी 2019

603. वक़्त की मर्ज़ी (चोका - 10)

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वक़्त की मर्ज़ी     ***    वक़्त की गति    करती निर्धारित    मन की दशा    हो मन प्रफुल्लित    वक़्त भागता    सूर्य की किरणों-सा ...
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शनिवार, 26 जनवरी 2019

602. प्रजातन्त्र

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प्रजातन्त्र     ***    मुझपर इल्ज़ाम है उनकी ही तरह,  जो कहते हैं     ''देश के माहौल से डर लगता है''    हाँ! मैं मानती हूँ म...
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रविवार, 20 जनवरी 2019

601. फ़रिश्ता (क्षणिका)

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फ़रिश्ता      *******      सुनती हूँ कि कोई फ़रिश्ता है  जो सब का हाल जानता है  पर मेरा? मुझे नहीं जानता वह  पर तुम मुझे जानते हो ...
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बुधवार, 9 जनवरी 2019

600. अंतर्मन (15 क्षणिकाएँ)

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अंतर्मन  *******    1.  अंतर्मन  ***    मेरे अंतर्मन में पड़ी हैं    ढेरों अनकही कविताएँ    तुम मिलो कभी    तो फ़ुर्सत में स...
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मंगलवार, 8 जनवरी 2019

599. हे नव वर्ष (नव वर्ष पर 5 हाइकु) पुस्तक- 103

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हे नव वर्ष  *******    1.    हे नव वर्ष    आख़िर आ ही गए,    पर जल्दी क्यों?    2.    उम्मीद जगी-    अच्छे दिन आएँगे    ...
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रविवार, 30 दिसंबर 2018

598. वृद्ध जीवन (वृद्धावस्था पर 20 हाइकु)

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वृद्ध जीवन  ***    1.    उम्र की साँझ    बेहद डरावनी    टूटती आस।    2.    अटकी साँस    बुढ़ापे की थकान    मन बेहाल।...
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मंगलवार, 25 दिसंबर 2018

597. बातें (क्षणिका)

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बातें  *******    रात के अँधेरे में  ढेरों बातें करती हूँ  जानती हूँ मेरे साथ  तुम कहीं नहीं थे, तुम कभी नहीं थे  पर सोचती रहती ह...
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बुधवार, 19 दिसंबर 2018

596. दुःख (दुःख पर 10 हाइकु)

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दुःख (10 हाइकु)    *** 1.    दुःख का पारा  सातवें आसमाँ पे    मन झुलसा ।      2.    दुःख का लड्डु    रोज़-रोज़ यूँ खाना...
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बुधवार, 5 दिसंबर 2018

595. अर्थ ढूँढ़ता (10 हाइकु) पुस्तक -99, 100

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अर्थ ढूँढ़ता  *******    1.    मन सोचता-    जीवन होता है क्या?    अर्थ ढूँढता।    2.    बसंत आया    रिश्तों में रंग ...
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डॉ. जेन्नी शबनम
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'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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