लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

बुधवार, 1 जुलाई 2020

676. सँवरने नहीं देती (तुकांत)

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सँवरने नहीं देती ******  दर्द की ज़ुबान मीठी है बहकने नहीं देती    लहू में डूबी है ज़िन्दगी सँवरने नहीं देती ।      इक रूह है ...
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शुक्रवार, 26 जून 2020

675. रीसेट

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रीसेट ***  हयात के लम्हात, दर्द में सने थे    मेरे सारे दिन-रात, आँसू से बने थे    नाकामियों, नादानियों और मायूसियों के तूफ़ान    मन में लिए ...
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मंगलवार, 23 जून 2020

674. इनार

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इनार  ***  मन के किसी कोने में    अब भी गूँजती हैं कुछ धुनें।       रस्सी का एक छोर पकड़    छपाक-से कूदती हुई बाल्टी    इनार पर लगी हुई चकरी...
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रविवार, 21 जून 2020

673. बोनसाई

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बोनसाई  ***  हज़ारों बोनसाई उग गए हैं    जो छोटे-छोटे ख़्वाबों की पौध हैं  ये पौधे अब दरख़्तों में तब्दील हो चुकें हैं।     य...
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मंगलवार, 16 जून 2020

672. ख़ाली हाथ जाना है (तुकांत)

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ख़ाली हाथ जाना है  *******  ख़ाली हाथ हम आए थे    ख़ाली हाथ ही जाना है।    तन्हा-तन्हा रातें गुज़री    तन्हा दिन भी बिताना है।...
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मंगलवार, 9 जून 2020

671. आईना और परछाई

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आईना और परछाई  ******  आईना मेरा सखा    जो मुझसे कभी झूठ नहीं बोलता    परछाई मेरी सखी    जो मेरा साथ कभी नहीं छोड़ती    इन ...
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शुक्रवार, 5 जून 2020

670. फूलवारी (क्षणिका)

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फूलवारी  *******  जब भी मिलने जाती हूँ    कसकर मेरी बाँहें पकड़, कहती है मुझसे-    अब जो आई हो, तो यहीं रह जाओ    याद करो, जब अप...
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मंगलवार, 2 जून 2020

669. रंग

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रंग   ***  बेरंग जीवन बेनूर न हो    क़र्ज़ में माँग लाई मौसम से ढेरों रंग    लाल, पीले, हरे, नीले, नारंगी, बैगनी, जामुनी    छोटी-छोटी पोटली मे...
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सोमवार, 1 जून 2020

668. सीता की पीर (10 हाइकु)

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सीता की पीर (10 हाइकु) *******  1.  राह अगोरे   शबरी-सा ये मन,   कब आओगे?   2.  अहल्या बनी   कोई राम न आया   पाषाण...
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शनिवार, 30 मई 2020

667. नीरवता

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नीरवता  ***  मन के भीतर    एक विशाल जंगल बस गया है  जहाँ मेरे शब्द चीखते-चिल्लाते हैं  ऊँचे वृक्षों-सा मेरा अस्तित्व  थककर एक छाँव ढूँढता ह...
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सोमवार, 25 मई 2020

666. मन्त्र

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मन्त्र  *** अपनी पीर छुपाकर जीना    मीठे कहकर आँसू पीना    ये दस्तूर निभाऊँ कैसे    जिस्म है घायल छलनी सीना।    रिश्ते-नाते निभ नहीं पाते   ...
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शुक्रवार, 22 मई 2020

665. स्वाद / बेस्वाद (10 क्षणिका)

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स्वाद / बेस्वाद *******  1.  इश्क़ का स्वाद  *** तेरे इश्क़ का स्वाद    मीठे पानी के झरने-सा    प्यास से तड़पते राही को    इक घ...
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बुधवार, 20 मई 2020

664. कहासुनी जारी है

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कहासुनी जारी है ***  पल-पल समय के साथ कहासुनी जारी है    वो कहता रहता है, मैं सुनती रहती हूँ,    अरेब-फ़रेब, जो उसका मन बोलता रहता है    कान...
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शुक्रवार, 15 मई 2020

663. लॉकडाउन

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लॉकडाउन *******  लॉकडाउन से जब शहर हुए हैं वीरान    बढ़ चुकी है मन के लॉकडाउन की भी मियाद    अनजाने भय से मन वैसे ही भयभीत रहता है...
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बुधवार, 13 मई 2020

662. अलविदा

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अलविदा   *** तपती रेत पर पाँव के नहीं    जलते पाँव के ज़ख़्मों के निशान हैं    मंज़िल दूर, बहुत दूर दिख रही है   पाँव थक चुके हैं  पा...
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शुक्रवार, 8 मई 2020

661. अनुभूतियों का सफ़र

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अनुभूतियों का सफ़र  ***  अनुभूतियों के सफ़र में    सम्भावनाओं को ज़मीन न मिली   हताश हूँ, परेशान हूँ, मगर हार की स्वीकृति  मन को नहीं सुहाती।...
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मंगलवार, 5 मई 2020

660. सरेआम मिलना (तुकांत)

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सरेआम मिलना  *******   अकेले मिलना अब हो नहीं सकता   जब भी मिलना है सरेआम मिलना ।     मेरे रंजों ग़म उन्हें भाते नहीं फिर ...
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शुक्रवार, 1 मई 2020

659. गँवारू लड़की

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गँवारू लड़की ***    एक गाँव की लड़की    शहर में पनाह ढूँढती रही    अपना नाम बताकर अपना पता पूछती रही    अपने हिस्से के कुछ क़...
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सोमवार, 27 अप्रैल 2020

658. निपटाया जाएगा (तुकांत)

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निपटाया जाएगा   *******   विरोध के स्वर को कुछ यूँ दबाया जाएगा   होश में जो हो उसे पागल बताया जाएगा ।      काट छाँटकर बाँट-ब...
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रविवार, 26 अप्रैल 2020

657. झरोखा

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झरोखा ***  समय का यह दौर    जीवन की अहमियत  जीवन की ज़रूरत सिखा रहा है।      मुश्किल के इस रंगमहल में    आशाओं का एक झरोखा  जिसे...
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सोमवार, 20 अप्रैल 2020

656. सच (9 क्षणिका)

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1.  सच   ***   न कोई कल था   न कोई आज है   जो पाया, सब खोया   जीवन का यही सच है।   __________________ 2.  संवेदना  ...
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गुरुवार, 9 अप्रैल 2020

655. फूल यूँ खिले (10 हाइकु) पुस्तक 116,117

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फूल यूँ खिले  *******   1.   फूल यूँ खिले,   गलबहियाँ डाले   बैठे हों बच्चे ।      2.   अम्बर रोया,   ज्यों बच्चे से ...
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बुधवार, 8 अप्रैल 2020

654. समय चक्र (10 क्षणिका)

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क्षणिकाएँ  *******   1.  समय चक्र   ***   समय चक्र और जीवन चक्र   दोनों घूम रहे हैं   उन्हें रोकने की कोशिशों में   मेरे दोनों हाथ छ...
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रविवार, 5 अप्रैल 2020

653. मन का दीया (दीया पर 5 हाइकु) पुस्तक 116

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मन का दीया   ******* 1.   आस्था का दीया   बुझने मत देना   ख़ुद के प्रति ।    2.  देता सन्देश   जल-जल के दीया-   र...
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शनिवार, 4 अप्रैल 2020

652. शाम (क्षणिका)

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शाम   *******      ऐसी शाम जब थका हारा जीवन अपने अंत पर हो   एक बड़ा चमत्कार हो जाए   ढलता सूरज सब जान जाए   भेज दे अपने रथ से थोड...
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गुरुवार, 26 मार्च 2020

651. एकान्त

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एकान्त     *** अपने आलीशान एकान्त में    सिर्फ़ अपने साथ रहने का मन है    जिन बातों को जिलाया मन में    स्वयं को वह सब कहने का ...
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शुक्रवार, 20 मार्च 2020

650. गौरैया (गौरैया पर 15 हाइकु) पुस्तक- 114-116

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गौरैया   (गौरैया पर 15 हाइकु) ******* 1.   ओ री गौरैया,   तुम फिर से आना   मेरे अँगना।   2.   मेरी गौरैया   चीं ची...
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शनिवार, 14 मार्च 2020

649. रंगीली होली (होली पर 9 हाइकु) पुस्तक 113, 114

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रंगीली होली  ******* 1.   होली की टोली   बैर-भाव बिसरे   रंगीली होली।   2.   रंगों की मस्ती   चेहरे भोले-भाले    रं...
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रविवार, 8 मार्च 2020

648. पूरक

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पूरक  *******   ओ साथी!  अपना वजूद तलाशो, दूसरों का नष्ट न करो    एक ही तराजू से, हम सभी को न तौलो    जीवन जो नेमत है, हम सभी...
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शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

647. फ़ितरत

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फ़ितरत  *******  थोड़ा फ़लसफ़ा थोड़ी उम्मीद लेकर  चलो फिर से शुरू करते हैं सफ़र  जिसे छोड़ा था हमने तब  जब ज़िन्दगी बहुत बेतरतीब ...
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शनिवार, 15 फ़रवरी 2020

646. भोली-भाली

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भोली-भाली  *******   मेरी बातें भोली-भाली   जीभर कर हैं हँसने वाली   बात तुम्हारी जीवन वाली   इक जीवन में ढलने वाली   दुःख की बात...
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शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

645. साथी

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साथी   *******   मेरी हँसी खो गई साथी   मेरी यादें रूठ गईं साथी   दिन महीने और साल बीते   न जाने कब और कैसे बीते   हम संग-...
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रविवार, 2 फ़रवरी 2020

644. ऑक्सीजन

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ऑक्सीजन  *******   मेरे पुरसुकून जीवन के वास्ते   तुम्हारा सुझाव-   जीवन जीने के लिए प्रेम   प्रेम करने के लिए साँसें   साँसें ...
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सोमवार, 27 जनवरी 2020

643. बेफ़िक्र धूप (ठण्ड पर 10 हाइकु)

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बेफ़िक्र धूप  ***    1.    ठठ्ठा करता    लुका-चोरी खेलता    मुआ सूरज।    2.    बेफ़िक्र धूप    इठलाती निकली    मुँह च...
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गुरुवार, 23 जनवरी 2020

642. एक शाम ऐसी भी

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एक शाम ऐसी भी  *******    एक शाम ऐसी भी, एक मुलाक़ात ऐसी भी    बहुत-बहुत ख़ास जैसी भी    जीवन का एक रंग यह भी, जीवन का एक पड़ाव यह भ...
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सोमवार, 13 जनवरी 2020

641. प्यार करते रहे (तुकांत)

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प्यार करते रहे  *******  तुम न समझे फिर भी हम कहते रहे  प्यार था हम प्यार ही करते रहे ।      छाँव की बातें कहीं, और चल दिए   ...
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बुधवार, 1 जनवरी 2020

640. जो देखा जो सुना

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जो देखा जो सुना    *******    जो देखा-सुना जो जिया-गुना    वह लिखा वह सब लिखा    जो मन ने कहा जो मन में पला    वह लिखा बस वही ल...
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सोमवार, 2 दिसंबर 2019

639. सवाल (5 क्षणिका)

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सवाल  *******    1.  कुछ सवाल ***   कुछ सवाल ठहर जाते हैं मन में  माकूल जवाब मालूम है  मगर कहने की हिमाकत नहीं होती  कुछ सव...
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शनिवार, 16 नवंबर 2019

638. धरोहर

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धरोहर  *******  मेरी धरोहरों में कई ऐसी चीज़ें हैं    जो मुझे बयान करती हैं, मेरी पहचान करती हैं    कुछ पुस्तकें, जिनमें लेखकों के हस्ताक्ष...
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गुरुवार, 7 नवंबर 2019

637. महज़ नाम (क्षणिका)

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महज़ नाम  *******    सोचती थी, किसी के आँचल में हर वेदना मिट जाती है    पर भाव बदल जाते हैं, तो संवेदना मिट जाती है    न किसी प्यार ...
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बुधवार, 6 नवंबर 2019

636. रेगिस्तान (क्षणिका)

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रेगिस्तान  *******     आँखें अब रेगिस्तान बन गई हैं  यहाँ न सपने उगते हैं न बारिश होती है  धूल-भरी आँधियों से  रेत पे गढ़े वे सारे हर...
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रविवार, 27 अक्टूबर 2019

635. दिवाली (दिवाली पर 7 हाइकु) पुस्तक - 112

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दिवाली  (दिवाली पर 7 हाइकु)    *******    1.    सुख समृद्धि    हर घर पहुँचे    दीये कहते।    2.    मन से देता    स...
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गुरुवार, 24 अक्टूबर 2019

634. दंगा

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दंगा   ***    किसी ने कहा ये हिन्दू मरा    कोई कहे ये मुसलमान था    अपने-अपने दड़बे में क़ैद     बँटा सारा हिन्दुस्तान था ।  ...
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शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019

633. चाँद (चाँद पर 10 हाइकु) पुस्तक 111,112

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चाँद  *******    1.    बिछ जो गई    रोशनी की चादर    चाँद है खुश।    2.    सबका प्यारा    कई रिश्तों में दिखा    द...
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डॉ. जेन्नी शबनम
नई दिल्ली / भागलपुर / कोठियाँ (शिवहर), दिल्ली / बिहार, India
'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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