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बुधवार, 7 सितंबर 2011
281. अनुबन्ध
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अनुबन्ध *** एक अनुबन्ध है जन्म और मृत्यु के बीच कभी साथ-साथ घटित न होना एक अनुबन्ध है प्रेम और घृणा के बीच कभी साथ-साथ फलित न होना ...
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शनिवार, 25 जून 2011
257. बस धड़कनें चलेंगी
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बस धड़कनें चलेंगी ******* भला ऐसा भी होता है न जीते बनता है न कोई रास्ता मिलता है, साथ चलते तो हैं लेकिन कुछ दूरी बनाए रहना होता है...
6 टिप्पणियां:
बुधवार, 22 जून 2011
256. सूरज ने आज ही देखा है मुझे
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सूरज ने आज ही देखा है मुझे ******* रोज़ ही तो होती है नयी सुबह रोज़ ही तो देखती हूँ सूरज को उगते हुए पर मन में उमंगें आज ही क्यों?...
6 टिप्पणियां:
मंगलवार, 14 सितंबर 2010
173. अज्ञात शून्यता / agyaat shoonyata (पुस्तक - 109)
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अज्ञात शून्यता ******* एक शून्यता में प्रवेश कर गई हूँ या कि मुझमें शून्यता प्रवाहित हो गई है, थाह नहीं मिलता किधर खो गई हूँ या जान...
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