लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

मंगलवार, 10 फ़रवरी 2015

484. मन! तुम आज़ाद हो जाओगे

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मन! तुम आज़ाद हो जाओगे   ******* अक्स र   मेरा मन  मुझसे उलझता है   कहता है-  वो सारे सच जिसे मन की तलहटी में   जाने कब से छुपाया...
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गुरुवार, 5 फ़रवरी 2015

483. आँखें रोएँगी और हँसेंगे हम (तुकांत)

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आँखें रोएँगी और हँसेंगे हम  *******  इल्म न था इस क़दर टूटेंगे हम    ये आँखें रोएँगी और हँसेंगे हम ।       सपनों की बातें सारी ...
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गुरुवार, 15 जनवरी 2015

482. शुभ-शुभ (क्षणिका)

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शुभ-शुभ ******* हज़ारों उपाय, मन्नतें, टोटके  अपनों ने किए ताकि अशुभ हो     मगर  ग़ैरों की बलाएँ, परायों की शुभकामनाएँ   नि...
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सोमवार, 5 जनवरी 2015

481. वक़्त बेख़ौफ़ चलता रहे

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वक़्त बेख़ौफ़ चलता रहे  *** वक़्त साल-दर-साल, सदी-दर-सदी, युग-दर-युग चलता रहा, बीतता रहा, टूटता रहा कभी ग़म गाता, कभी मर्सिया पढ़ता कभी ख़ौफ़...
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शुक्रवार, 2 जनवरी 2015

480. नूतन साल (नव वर्ष पर 7 हाइकु) पुस्तक 68,69

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नूतन साल ******* 1.  वक़्त सरका   लम्हे भर को रुका    यादें दे गया ।    2.  फूल खिलेंगे   तिथियों के बाग़ में    ख़ुशबू...
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गुरुवार, 25 दिसंबर 2014

479. एक सांता आ जाता

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एक सांता आ जाता  *** मन चाहता   भूले-भटके मेरे लिए तोहफ़ा लिए काश! आज मेरे घर  एक सांता आ जाता ।    गहरी नींद से मुझे जगाकर  अपनी झोली से नि...
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गुरुवार, 11 दिसंबर 2014

478. सपनों के झोले

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सपनों के झोले   ******* मुझे समेटते-समेटते     एक दिन तुम बिखर जाओगे   ढह जाएगी तुम्हारी दुनिया   शून्यता का आकाश  कर लेगा अप...
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सोमवार, 1 दिसंबर 2014

477. झाँकती खिड़की (पुस्तक - 67)

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झाँकती खिड़की ******* परदे की ओट से इस तरह झाँकती है खिड़की मानो कोई देख न ले मन में आस भी  और चाहत भी काश! कोई देख ले। परदे में ...
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गुरुवार, 27 नवंबर 2014

476. उम्र के छाले (12 हाइकु)

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उम्र के छाले   *** 1. उम्र की भट्टी  अनुभव के भुट्टे  मैंने पकाए।  2. जग ने दिया  सुकरात-सा विष  मैंने जो पिया।  3. मैंने ...
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गुरुवार, 20 नवंबर 2014

475. इंकार है

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इंकार है  *******  तूने कहा    मैं चाँद हूँ    और ख़ुद को आफ़ताब कहा ।    रफ़्ता-रफ़्ता    मैं जलने लगी    और तू बेमियाद बुझने लग...
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सोमवार, 17 नवंबर 2014

474. कोई तो दिन होगा

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कोई तो दिन होगा ***  कोई तो दिन होगा  जब गीत आज़ादी के गाऊँगी  बीन बजाते भौंरे नाचेंगे  मैं पराग-सी बिखर जाऊँगी   आसमाँ में सूरज दमकेगा  मैं...
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शनिवार, 1 नवंबर 2014

473. तारों का बाग़ (दिवाली के 8 हाइकु) पुस्तक 66,67

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तारों का बाग़    ******* 1. तारों के गुच्छे  ज़मीं पे छितराए  मन लुभाए ।   2. बिजली जली   दीपों का दम टूटा   दीवाली सजी।  3. ता...
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सोमवार, 20 अक्टूबर 2014

472. कविता (कविता पर 20 हाइकु) पुस्तक 64-66

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कविता  ******* 1.  कण-कण में   कविता सँवरती   संस्कृति जीती।  2. अकथ्य भाव  कविता पनपती  खुलके जीती।   3. अक्सर रोती   ग़ै...
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शनिवार, 11 अक्टूबर 2014

471. रंग-बेरंग

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रंग *** काजल थककर बोला- मुझसे अब और न होगा  नहीं छुपा सकता उसकी आँखों का सूनापन, बिंदिया सकुचा कर बोली- चुक गई मैं  उसे सँवारक...
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शनिवार, 27 सितंबर 2014

470. दूध-सी हैं लहरें (हाइगा लेखन का प्रथम प्रयास- 8 हाइगा)

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दूध-सी हैं लहरें  (हाइगा लेखन का प्रथम प्रयास- 8 हाइगा) *** 1.  सूरज झाँका  *** सूरज झाँका-  सागर की आँखों में  रूप सुहान...
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शनिवार, 20 सितंबर 2014

469. सागर तीरे (30 हाइकु)

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सागर तीरे  *** 1.  दम तोड़ती  भटकती लहरें  सागर तीरे।  2.  सफ़ेद रथ  बढ़ता बिना पथ  रेत में गुम।  3.  उमंग-भरी  लहरें मचल...
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शुक्रवार, 5 सितंबर 2014

468. जीवन-बोध (शिक्षक दिवस पर 10 हाइकु) पुस्तक 60,61

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जीवन-बोध  ******* 1. गुरु से सीखा  बिन अँगुली थामे   जीवन-बोध ।    2. बढ़ता तरु,   माँ है प्रथम गुरु   पाकर ज्ञान ।    ...
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गुरुवार, 4 सितंबर 2014

467. गाँव (गाँव पर 20 हाइकु)

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गाँव    *** 1. माटी का तन   माटी में ही खिलता   जीवन जीता ।    2. गोबर-पुती  हर मौसम सहे  झोपड़ी तनी ।    3. अपनापन  बस यहीं...
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सोमवार, 1 सितंबर 2014

466. घर आ जा न (बारिश के 8 हाइकु) पुस्तक 57, 58

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घर आ जा न  ******* 1. बरसा नहीं  भटक-भटकके  थका बादल ।    2. घूँघट काढ़े   घटा में छुपकर   सूर्य शर्माए ।    3. ...
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मंगलवार, 26 अगस्त 2014

465. जी चाहता है (7 क्षणिकाएँ)

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जी चाहता है ******* 1. जी चाहता है   तुम्हारे साथ बीताई  सभी यादों को   धधकते चूल्हे में झोंक दूँ  और फिर पानी डाल दूँ   ताकि चि...
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डॉ. जेन्नी शबनम
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'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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