लम्हों का सफ़र
मन की अभिव्यक्ति का सफ़र
गुरुवार, 16 नवंबर 2023
768. जीकर देखना है
›
जीकर देखना है *** जीवन तो जी लिया कभी अपने लिए जीकर देखा क्या? सच ही है जीते - जीते जीना कब कोई भूल जाता ...
2 टिप्पणियां:
767. जन्मदिन (10 ताँका)
›
जन्मदिन *** 1. उम्र की तीली धीरे-धीरे सुलगी कुछ है शेष कब होगा अशेष समय ही जानता। 2. जन्म की तिथि बताने बढ़ी उम्र फिर से आई, उम्र का लेखा-ज...
रविवार, 12 नवंबर 2023
766. दीवाली ख़ुश (20 हाइकु)
›
दीवाली ख़ुश (हाइकु) *** 1. पूनो-सी खिली चहके दीया-बाती हर अँगना। 2. अमा जा छुपी दीयों से डरकर, ख़ुश दीवाली। 3. बम-पटाखे प्रदूषण से हारे डिब्...
4 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 10 नवंबर 2023
765. चहुँ ओर उल्लास (चोका- 18)
›
चहुँ ओर उल्लास *** शहर छीने गाँव का माटी-घर मिटती रही देहरी पर हँसी, मिट गया है गाछ का चबूतरा, जो सुनता था बच्चों-बूढ़ों की कथा भोर की बेला...
3 टिप्पणियां:
सोमवार, 6 नवंबर 2023
764. शहर के पाँ (चोका- 17)
›
शहर के पाँ *** शहर के पाँ धीरे-धीरे से चले चल न सके पगडंडियों पर गाड़ी से चले पहुँच गए गाँव। दिखा है वहाँ मज़दूर-किसान सभी हैं व्यस्त कर्मो...
5 टिप्पणियां:
सोमवार, 2 अक्टूबर 2023
763. काँच के ख़्वाब (चोका- 16)
›
काँच के ख़्वाब *** काँच के ख़्वाब फेरे जो करवट चकनाचूर हुए सब-के - सब , काँच के ख़्वाब दूसरा करवट लगे पलने फेरे जो ...
4 टिप्पणियां:
मंगलवार, 12 सितंबर 2023
762. पहली या अन्तिम बार
›
पहली या अन्तिम बार *** याद करने के लिए कुछ ख़ास ज़रू री होता है मसलन पहली या अन्तिम बार मिलना। किसी ...
4 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें