लम्हों का सफ़र
मन की अभिव्यक्ति का सफ़र
सोमवार, 25 मार्च 2024
773. रंगों की झोली (20 हाइकु)
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रंगों की झोली *** 1. विजयी भव होली का आशीर्वाद हर माँ देती। 2. माँ-बाबा पास रॉकेट से भेजती रंगों की झोली! 3. जम के खेलो प्राकृतिक गुलाल न ह...
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शुक्रवार, 8 मार्च 2024
772. स्त्री जानती है
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स्त्री जानती है *** उलझनें मिलती हैं, पर कम उलझती है स्त्री ये जानती है, स्त्री सब समझती है कब कहाँ कितना बोलना है कब कहाँ कितना छुपाना ह...
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मंगलवार, 30 जनवरी 2024
771. अन्तिम लक्ष्य
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अन्तिम लक्ष्य *** यूँ लगता है मैं बाढ़ में ज़मीन से उखड़ा हुआ कोई दरख़्त हूँ नदी के पानी पर चल रही हूँ चल नहीं रही, फिसल रही हूँ जाने कहाँ ट...
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गुरुवार, 21 दिसंबर 2023
770. हँसती हुई नारी (चोका- 19)
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हँसती हुई नारी *** लगती प्यारी हँसती हुई नारी घर-संसार समृद्धि भरमार रिश्तों की गूँज पसरी अनुगूँज चहके घर सुवासित आँगन बच्चों का प्यार पुरु...
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बुधवार, 20 दिसंबर 2023
769. मन गुल्लक (5 हाइकु)
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मन गुल्लक (5 हाइकु) 1. मन गुल्लक ख़ुशियों का ख़ज़ाना ख़त्म न होता। 2. मन है बना ख़ुशियों का गुल्लक कोई न लूटे। 3. भर के रखो ख़ुशियों का गुल्...
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गुरुवार, 16 नवंबर 2023
768. जीकर देखना है
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जीकर देखना है *** जीवन तो जी लिया कभी अपने लिए जीकर देखा क्या? सच ही है जीते - जीते जीना कब कोई भूल जाता ...
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767. जन्मदिन (10 ताँका)
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जन्मदिन *** 1. उम्र की तीली धीरे-धीरे सुलगी कुछ है शेष कब होगा अशेष समय ही जानता। 2. जन्म की तिथि बताने बढ़ी उम्र फिर से आई, उम्र का लेखा-ज...
रविवार, 12 नवंबर 2023
766. दीवाली ख़ुश (20 हाइकु)
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दीवाली ख़ुश (हाइकु) *** 1. पूनो-सी खिली चहके दीया-बाती हर अँगना। 2. अमा जा छुपी दीयों से डरकर, ख़ुश दीवाली। 3. बम-पटाखे प्रदूषण से हारे डिब्...
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शुक्रवार, 10 नवंबर 2023
765. चहुँ ओर उल्लास (चोका- 18)
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चहुँ ओर उल्लास *** शहर छीने गाँव का माटी-घर मिटती रही देहरी पर हँसी, मिट गया है गाछ का चबूतरा, जो सुनता था बच्चों-बूढ़ों की कथा भोर की बेला...
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सोमवार, 6 नवंबर 2023
764. शहर के पाँ (चोका- 17)
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शहर के पाँ *** शहर के पाँ धीरे-धीरे से चले चल न सके पगडंडियों पर गाड़ी से चले पहुँच गए गाँव। दिखा है वहाँ मज़दूर-किसान सभी हैं व्यस्त कर्मो...
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सोमवार, 2 अक्टूबर 2023
763. काँच के ख़्वाब (चोका- 16)
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काँच के ख़्वाब *** काँच के ख़्वाब फेरे जो करवट चकनाचूर हुए सब-के - सब , काँच के ख़्वाब दूसरा करवट लगे पलने फेरे जो ...
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