लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

गुरुवार, 18 जनवरी 2018

566. अँधेरा (क्षणिका)

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अँधेरा  *******    उम्र की माचिस में ख़ुशियों की तीलियाँ   एक रोज़ सारी जल गईं, डिबिया ख़ाली हो गई   मैं आधे पायदान पर खड़ी होकर   हर...
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रविवार, 7 जनवरी 2018

565. धरातल

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धरातल    ***   ग़ैरों की दास्ताँ क्यों सुनूँ?   अपनी राह क्यों न बनाऊँ?   जो पसन्द, बस वही क्यों न करूँ?   दूसरों के कहे से जीवन क्यों जीऊँ...
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गुरुवार, 28 दिसंबर 2017

564. हाइकु काव्य (हाइकु पर 10 हाइकु) पुस्तक 95, 96

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हाइकु काव्य     *******   1.   मन के भाव   छटा जो बिखेरते   हाइकु होते।   2.   चंद अक्षर   सम्पूर्ण गाथा गहे   हाइकु प्यार...
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गुरुवार, 16 नवंबर 2017

563. यक़ीन (क्षणिका)

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यक़ीन *******     मुझे यक़ीन है   एक दिन बंद दरवाज़ों से निकलेगी  सुबह की किरणों का आवभगत करेगी  रात की चाँदनी में नहाएगी, कोई ...
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मंगलवार, 14 नवंबर 2017

562. फ़्लाइओवर

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फ़्लाइओवर   ***   एक उम्र नहीं, एक रिश्ता नहीं   कई किस्तों में, कई हिस्सों में   बीत जाता है जीवन   किसी फ़्लाइओवर के नीचे   प्लास्टिक के क...
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मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017

561. दीयों की पाँत (दिवाली के 10 हाइकु) पुस्तक- 94,95

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दीयों की पाँत  ***   1.   तम हरता   उजियारा फैलाता   मन का दीया ।      2.   जाग्रत हुई   रोशनी में नहाई   दिवाली-रात ...
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शनिवार, 7 अक्टूबर 2017

560. महाशाप

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महाशाप   *******   किसी   ऋषि   ने   जाने किस   युग   में   किस   रोष   में  दे   दिया   होगा सूरज को महाशाप नियमित,   अनवरत...
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रविवार, 17 सितंबर 2017

559. कैसी ज़िन्दगी? (10 ताँका)

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कैसी ज़िन्दगी?     ***   1.   हाल बेहाल   मन में है मलाल   कैसी ज़िन्दगी?   जहाँ धूप न छाँव   न तो अपना गाँव।    2.  ...
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शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

558. हिसाब-किताब के रिश्ते (तुकांत)

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हिसाब-किताब के रिश्ते   *******   दिल की बातों में ये हिसाब-किताब के रिश्ते   परखते रहे कसौटी पर बेकाम के रिश्ते ।   वक़्त के छ...
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शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

557. सूरज की पार्टी (11 बाल हाइकु) पुस्तक 93,94

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सूरज की पार्टी   ******* 1.   आम है आया   सूरज की पार्टी में   जश्न मनाया ।      2.   फलों का राजा   शान से मुस्कुरात...
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रविवार, 27 अगस्त 2017

556. बादल राजा (बरसात पर 10 हाइकु) पुस्तक 92, 93

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बादल राजा    *******   1.   ओ मेघ राजा   अब तो बरस जा   भगा दे गर्मी ।      2.   बदली रानी   झूम-झूम बरसी   ना...
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मंगलवार, 15 अगस्त 2017

555. कैसी आज़ादी पाई (स्वतंत्रता दिवस पर 4 हाइकु) पुस्तक - 91, 92

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कैसी आज़ादी पाई   *******   1.   मन है क़ैदी,   कैसी आज़ादी पाई?   नहीं है भायी ।      2.   मन ग़ुलाम   सर्वत्र कोहर...
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बुधवार, 9 अगस्त 2017

554. सँवार लूँ (क्षणिका)

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सँवार लूँ *******   मन चाहता है   एक बोरी सपनों के बीज   मन के मरुस्थल में छिड़क दूँ   मनचाहे सपने उगा  ज़िन्दगी सँवार लूँ। ...
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सोमवार, 7 अगस्त 2017

553. रिश्तों की डोर (राखी पर 10 हाइकु) पुस्तक - 90, 91

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रिश्तों की डोर   *******   1.   हो गए दूर   सम्बन्ध अनमोल   बिके जो मोल ।     2.   रक्षा का वादा   याद दिलाए राखी...
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सोमवार, 17 जुलाई 2017

552. मुल्कों की रीत है (तुकांत)

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मुल्कों की रीत है   ******* कैसा अजब सियासी खेल है, होती मात न जीत है नफ़रत का कारोबार करना, हर मुल्कों की रीत है ।  मज़हब व भ...
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डॉ. जेन्नी शबनम
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'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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