लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

शुक्रवार, 18 मार्च 2016

507. पगडंडी और आकाश (पुस्तक - 22)

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पगडंडी और आकाश   ******   एक सपना बुन  कर   उड़ेल देना मुझ पर मेरे मीत   ताकि सफ़र की कठिन घड़ी में   कोई तराना गुनगुनाऊँ,   ...
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मंगलवार, 8 मार्च 2016

506. तू भी न कमाल करती है

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तू भी न कमाल करती है   *******   ज़िन्दगी तू भी न कमाल करती है!   जहाँ-तहाँ भटकती फिरती   ग़ैरों को नींद के सपने बाँटती   पर...
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सोमवार, 29 फ़रवरी 2016

505. मुक्ति का मार्ग (20 हाइकु)

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मुक्ति का मार्ग  ***   1.   मुक्ति का मार्ग   जाने कहाँ है गुम   पसरा तम ।     2.   कैसी तलाश   भटके मारा-मारा   ...
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मंगलवार, 16 फ़रवरी 2016

504. अर्थहीन नहीं

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अर्थहीन नहीं...   ******   जी चाहता है   सारे उगते सवालों को   ढेंकी में कूटकर   सबकी नज़रें बचाकर   पास के पोखर में फ़ेंक आ...
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मंगलवार, 26 जनवरी 2016

503. आज का सच

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आज का सच *** थोप देते हो  अपनी हर वह बात      जो तुम चाहते हो कि मानी जाए    बिना ना-नुकुर, बिना कोई बहस चाहते हो कि तुम्हारी बात मानी जाए।...
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रविवार, 17 जनवरी 2016

502. सब जानते हो तुम

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सब जानते हो तुम ******* तुम्हें याद है  हर शाम क्षितिज पर    जब एक गोल नारंगी फूल टँगे देखती   रोज़ कहती-    ला दो न    एक...
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सोमवार, 16 नवंबर 2015

501. नन्हा बचपन रूठा बैठा है

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नन्हा बचपन रूठा बैठा है     ***   अलमारी के निचले ख़ाने में   मेरा बचपन छुपा बैठा है   मुझसे डरकर मुझसे रूठा बैठा है।     पहली कॉपी पर पहली...
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रविवार, 1 नवंबर 2015

500. उऋण

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उऋण  *******   कुछ ऋण ऐसे हैं   जिनसे उऋण होना नहीं चाहती   वो कुछ लम्हे  जिनमें साँसों पर क़र्ज़ बढ़ा   वो कुछ एहसास   जिनमें...
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रविवार, 25 अक्टूबर 2015

499. नियति-चक्र (10 हाइकु) पुस्तक 75

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नियति-चक्र  *******   1.  अपनी सुने     नियति मग़रूर,   मैं मज़बूर ।      2.  बदनीयत    नियति की नीयत,     जाल बिछाती ...
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बुधवार, 30 सितंबर 2015

498. तुम्हारा इंतज़ार है (क्षणिका) (पुस्तक - 39)

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तुम्हारा इंतज़ार है ******* मेरा शहर अब मुझे आवाज़ नहीं देता   नहीं पूछता मेरा हाल नहीं जानना चाहता मेरी अनुपस्थिति की वजह वक़्त ...
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सोमवार, 21 सितंबर 2015

497. मग़ज़ का वह हिस्सा

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मग़ज़ का वह हिस्सा *** अपने मग़ज़ के उस हिस्से को  काट देने का मन होता है जहाँ पर विचार जन्म लेते हैं और फिर होती है व्यथा की अनवरत परिक्रमा।  ...
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शनिवार, 18 जुलाई 2015

496. वो कोठरी

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वो कोठरी ******* वो कोठरी    मेरे नाम की जहाँ रहती थी मैं, सिर्फ़ मैं  मेरे अपने पूरे संसार के साथ इस संसार को छूने की छूट या इस्तेमा...
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शुक्रवार, 17 जुलाई 2015

495. दूब (घास पर 11 हाइकु) पुस्तक 73-74

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दूब ******* 1. बारहों मास देती बेशर्त प्यार दुलारी घास ।      2. नर्म-नर्म-सी  हरी-हरी ओढ़नी   भूमि ने ओढ़ी ।       3. ...
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शुक्रवार, 29 मई 2015

494. दर्द (दर्द पर 20 हाइकु)

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दर्द  *** 1.   बहुत चाहा      दर्द की टकसाल नहीं घटती ।   2. दर्द है गंगा यह मन गंगोत्री- उद्गमस्थल।    3. मालूम होता गर दर्द का स...
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शनिवार, 4 अप्रैल 2015

493. सरल गाँव (गाँव पर 10 हाइकु)

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सरल गाँव  *** 1. जीवन त्वरा बची है परम्परा,      सरल गाँव ।    2. घूँघट खुला,  मनिहार जो लाया हरी चूड़ियाँ।  3. ...
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बुधवार, 1 अप्रैल 2015

492. दुःखहारणी

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दुःखहारिणी *** जीवन के तार को साधते-साधते    मन-रूपी उँगलियाँ छिल गई हैं    जहाँ से रिसता हुआ रक्त    बूँद-बूँद धरती में समा रहा है  मेरी स...
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रविवार, 15 मार्च 2015

491. युद्ध (क्षणिका)

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युद्ध ******* अबोले शब्द पीड़ा देते हैं छाती में बहता ख़ून धक्के मारने लगा है नियति का बहाना अब पुराना-सा लगता है, जिस्म के भीतर...
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रविवार, 8 मार्च 2015

490. क्या हुक्म है मेरे आका

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क्या हुक्म है मेरे आका ******* अकसर सोचती हूँ  किस ग्रह से मैं आई हूँ  जिसका ठिकाना  न कोख में,  न घर में,  न गाँव में, न शहर में   ...
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शुक्रवार, 6 मार्च 2015

489. इन्द्रधनुषी रंग (होली पर 10 हाइकु) पुस्तक 69,70

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इन्द्रधनुषी रंग ******* 1. तन पे चढ़ा इन्द्रधनुषी रंग फगुआ मन ।      2. नाचे बहार इठलाती है मस्ती रंग हज़ार ।    3. गिले-शि...
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मंगलवार, 3 मार्च 2015

488. स्त्री की डायरी (क्षणिका)

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स्त्री की डायरी ******* स्त्री की डायरी उसका सच नहीं बाँचती     स्त्री की डायरी में  उसका सच अलिखित छपा होता है   इसे वही पढ़ सकता...
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रविवार, 1 मार्च 2015

487. वासन्ती प्यार (वसंत ऋतु पर 5 हाइकु) पुस्तक 69

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वासन्ती प्यार   *******  1.   वासन्ती प्यार     नस-नस में घुली,    हँसी, बहार ।      2. वासन्ती धुन   आसमान में गूँजे   ...
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गुरुवार, 26 फ़रवरी 2015

486. धृष्टता

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धृष्टता *******  जितनी बार तुमसे मिली  ख़्वाहिशों ने जन्म लिया मुझमें   जिन्हें यकीनन पूरा नहीं होना था   मगर दिल कब मानता है?...
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शनिवार, 14 फ़रवरी 2015

485. लम्हों का सफ़र (पुस्तक 89)

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लम्हों का सफ़र  ******* आसमान की विशालता   जब अधीरता से खींचती है   धरती की गूढ़ शिथिलता   जब कठोरता से रोकती है   सागर का हठी...
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मंगलवार, 10 फ़रवरी 2015

484. मन! तुम आज़ाद हो जाओगे

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मन! तुम आज़ाद हो जाओगे   ******* अक्स र   मेरा मन  मुझसे उलझता है   कहता है-  वो सारे सच जिसे मन की तलहटी में   जाने कब से छुपाया...
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गुरुवार, 5 फ़रवरी 2015

483. आँखें रोएँगी और हँसेंगे हम (तुकांत)

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आँखें रोएँगी और हँसेंगे हम  *******  इल्म न था इस क़दर टूटेंगे हम    ये आँखें रोएँगी और हँसेंगे हम ।       सपनों की बातें सारी ...
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गुरुवार, 15 जनवरी 2015

482. शुभ-शुभ (क्षणिका)

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शुभ-शुभ ******* हज़ारों उपाय, मन्नतें, टोटके  अपनों ने किए ताकि अशुभ हो     मगर  ग़ैरों की बलाएँ, परायों की शुभकामनाएँ   नि...
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सोमवार, 5 जनवरी 2015

481. वक़्त बेख़ौफ़ चलता रहे

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वक़्त बेख़ौफ़ चलता रहे  *** वक़्त साल-दर-साल, सदी-दर-सदी, युग-दर-युग चलता रहा, बीतता रहा, टूटता रहा कभी ग़म गाता, कभी मर्सिया पढ़ता कभी ख़ौफ़...
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डॉ. जेन्नी शबनम
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'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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