लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

रविवार, 31 मार्च 2013

396. आदत

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आदत ******* सपने-अपने, ज़िन्दगी-बन्दगी    धूप-छाँव, अँधेरे-उजाले    सब के सब    मेरी पहुँच से बहुत दूर    सबको पकड़ने की कोशिश...
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बुधवार, 27 मार्च 2013

395. होली के रंग (8 हाइकु) पुस्तक 32, 33

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होली के रंग ******* 1. रंग में डूबी  खेले होरी दुल्हिन   नई नवेली ।  2.  मन चितेरा  अब तक न आया  फगुआ बीता ।  3...
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शनिवार, 23 मार्च 2013

394. आत्मा होती अमर (12 सेदोका)

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आत्मा होती अमर  *** 1. छिड़ी है जंग  सच-झूठ के बीच  होगी किसकी जीत? हारता झूठ    भले देर-सबेर   सच होता विजयी।    2. ...
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गुरुवार, 21 मार्च 2013

393. यह कविता है (क्षणिका)

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यह कविता है *******  मन की अनुभूति    ज़रा-ज़रा जमती,  ज़रा-ज़रा उगती ज़रा-ज़रा सिमटती, ज़रा-ज़रा बिखरती   मन की परछाई बन एक रूप है...
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बुधवार, 20 मार्च 2013

392. स्त्री के बिना (स्त्री पर 7 हाइकु) पुस्तक 32

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स्त्री के बिना  ******* 1. अग्नि-परीक्षा   अब और कितना  देती रहे स्त्री ।  2. नारी क्यों पापी  महज़ देखने से  पर-पुर...
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सोमवार, 18 मार्च 2013

391. तुम्हें पसंद जो है (क्षणिका)

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तुम्हें पसंद जो है ******* तस्वीरों में तुम  बड़े दिलकश लगते हो    आँखों में शरारत, होंठों पर मुस्कुराहट काली घनी लटें, कपाल को ज...
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बुधवार, 13 मार्च 2013

390. क्यों नहीं आते

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क्यों नहीं आते ******* अकसर सोचती हूँ   इतने भारी-भारी-से  ख़याल क्यों आते हैं जिनको पकड़ना  मुमकिन नहीं होता  और अगर पकड़...
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शुक्रवार, 8 मार्च 2013

389. अब न ऊ देवी है न कड़ाह

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अब न ऊ देवी है न कड़ाह ******* सरेह से अभी-अभी लौटे हैं    गोड़ में कादो-माटी, अँचरा में लोर   दउरी में दू ठो रोटी-नून-मर्चा  ...
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बुधवार, 6 मार्च 2013

388. चाँद का रथ (7 हाइकु) पुस्तक 31, 32

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चाँद का रथ ******* 1. थी विशेषता   जाने क्या-क्या मुझमें, हूँ अब व्यर्थ ।  2. सीले-सीले-से गर हों अजनबी,  होते हैं र...
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रविवार, 3 मार्च 2013

387. ज़िन्दगी स्वाहा (क्षणिका)

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ज़िन्दगी स्वाहा ******* कब तक आख़िर  मेढ़क बन कर रहें आओ संग-संग, एक बड़ी छलाँग लगा ही लें  पार कर गए तो मंज़िल  गिर पड़े तो वही दु...
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शुक्रवार, 1 मार्च 2013

386. कतर दिया

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कतर दिया ******* क्या-क्या न कतर दिया    कभी सपने    कभी आवाज़    कभी ज़िन्दगी    और तुम हो कि    किसी बात की कद्र ही नहीं कर...
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गुरुवार, 28 फ़रवरी 2013

385. हवा

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हवा *** हवा  कटार है, अंगार है, तूफ़ान है  हवा जलती है, सुलगती है, उबलती है  हवा लहू से लथपथ  लाल और काले के भेद से अनभिज्ञ ...
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शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2013

384. यादें जो है ज़िन्दगी (8 सेदोका)

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यादें जो है ज़िन्दगी  *** 1. वर्षा की बूँदें  टप-टप बरसे  मन का कोना भींगे,  सींचती रही  यादें खिलती रही   यादें जो है ...
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मंगलवार, 19 फ़रवरी 2013

383. औरत : एक बावरी चिड़ी (7 हाइकु) पुस्तक 30, 31

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औरत : एक बावरी चिड़ी  ****** 1. चिड़िया उड़ी बाबुल की बगिया  सूनी हो गई। 2. ओ चिरइया  कहाँ उड़ तू चली  ले गई ख़ुशी। ...
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सोमवार, 18 फ़रवरी 2013

382. जाड़ा भागो (13 हाइकु) पुस्तक 29, 30

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जाड़ा भागो *** 1. आँख मींचती थर-थर काँपती  ठण्डी हवाएँ। 2. आलसी दिन  है झटपट भागा  जो जाड़ा दौड़ा। 3. सूरज सोता...
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गुरुवार, 14 फ़रवरी 2013

381. प्रेम का जादू (वेलेन्टाइन डे पर 7 हाइकु)

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प्रेम का जादू  *** 1. प्रेम का पाग घीमे-धीमे पकता जो प्रेम सच्चा ।  2. ख़ुद में लीन गिरता-सँभलता प्रेम अनाड़ी ।  3...
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रविवार, 3 फ़रवरी 2013

380. हों मन सुवासित (नव वर्ष पर 7 हाइकु) पुस्तक 28

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हों मन सुवासित  ******* 1. शुभ प्रभात! मंगल-कामनाएँ नए साल में ।  2.  खुशियाँ फैले  हों मन सुवासित  हम सब का ।  3. ...
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गुरुवार, 31 जनवरी 2013

379. चकमा (क्षणिका)

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चकमा  ******* चलो आओ,  हाथ थामो मेरा,  मुट्ठी जोर से पकड़ो  वहाँ तक साथ चलो, जहाँ ज़मीन-आसमान मिलते हैं  वहाँ से सीधे नीचे छलाँग ...
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गुरुवार, 17 जनवरी 2013

378. स्टैचू बोल दे (10 क्षणिका)

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स्टैचू बोल दे  *******   1.  स्टैचू बोल दे ***  जी चाहता है   उन पलों को  तू स्टैचू बोल दे   जिन पलों में वह साथ हो   और फिर भूल ...
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सोमवार, 7 जनवरी 2013

377. क्रान्ति-बीज बन जाना (पुस्तक 59)

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क्रान्ति-बीज बन जाना *** रक्त-बीज से पनपकर  कोमल पंखुड़ियों-सी खिलकर  सूरज को मुट्ठी में भर लेना   तुम क्रान्ति-बीज बन जाना ।  नाज़ुक हथेलियो...
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बुधवार, 12 दिसंबर 2012

376. कहो ज़िन्दगी (पुस्तक 95)

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कहो ज़िन्दगी ******* कहो ज़िन्दगी  आज का क्या संदेश है  किस पथ पे जाना शुभ है किन राहों पे अशुभ घड़ी का दोष है? कहो ज़िन्दगी   ...
17 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 20 नवंबर 2012

375. रिश्ते (16 क्षणिकाएँ)

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रिश्ते  ******* 1. बेनाम रिश्ते  *** कुछ रिश्ते बेनाम होते हैं जी चाहता है   कुछ नाम रख ही दूँ  क्या पता किसी ख़ास घड़ी में   ...
16 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 16 अक्टूबर 2012

374. आज़ादी (पुस्तक 81)

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आज़ादी ******* आज़ादी कुछ-कुछ वैसी ही है  जैसे छुटपन में, पाँच  पैसे से ख़रीदा हुआ लेमनचूस  जिसे खाकर मन खिल जाता था,   खुले...
47 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 10 अक्टूबर 2012

373. नया घोसला (चोका - 3)

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नया घोसला  *** प्यारी चिड़िया  टुक-टुक देखती   टूटा घोसला  फूटे जो सारे अण्डे  सारे के सारे  मरे अजन्मे चूजे,  चीं-चीं  ...
11 टिप्‍पणियां:
रविवार, 23 सितंबर 2012

372. मन छुहारा (10 ताँका)

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मन छुहारा  *** 1. अपनी आत्मा  रोज़-रोज़ कूटती  औरत ढेंकी   पर आस सँजोती अपनी पूर्णता की।  2. मन पिंजरा मुक्ति की ...
14 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 18 सितंबर 2012

371. फ़र्ज़ की किस्त

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फ़र्ज़ की किस्त  ******* लाल, पीले, गुलाबी  सपने बोना चाहती थी जिन्हें तुम्हारे साथ  उन पलों में तोडूँगी  जब सारे सपने खिल ...
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सोमवार, 27 अगस्त 2012

370. मालिक की किरपा (पुस्तक - 88)

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मालिक की किरपा ******* धुआँ-धुआँ, ऊँची चिमनी  गीली मिट्टी,  साँचा,  लथपथ बदन   कच्ची ईंट, पक्की ईंट, और ईंट के साथ पकता भविष्य, ...
18 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 22 अगस्त 2012

369. सुहाने पल (चोका - 1)

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सुहाने पल ***  मुट्ठी में बन्द   कुछ सुहाने पल ज़रा लजाते   शरमा के बताते  पिया की बातें हसीन मुलाकातें   प्यारे-से दिन   ...
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शुक्रवार, 17 अगस्त 2012

368. संगतराश (पुस्तक - 82)

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संगतराश *** बोलो संगतराश!  आज कौन-सा रूप तुम्हारे मन में है? कैसे सवाल उगे हैं तुममें? अपने जवाब के अनुरूप बुत तराशते हो तुम ...
25 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 15 अगस्त 2012

367. स्वतंत्रता दिवस (स्वतन्त्रता दिवस पर 20 हाइकु) पुस्तक 26-28

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स्वतंत्रता दिवस  (स्वतन्त्रता दिवस पर 20 हाइकु) ******* 1. आई आज़ादी  अहिंसा के पथ से बापू का मार्ग ।  2. फूट के रोए ...
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डॉ. जेन्नी शबनम
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'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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