लम्हों का सफ़र

मन की अभिव्यक्ति का सफ़र

रविवार, 5 मई 2013

404. तुम्हारा 'कहा'

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तुम्हारा 'कहा' *******  जानती हूँ,  तुम्हारा 'कहा'  मुझसे शुरू होकर  मुझ पर ही ख़त्म होता है,  उस 'कहा'...
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बुधवार, 1 मई 2013

403. औक़ात देखो

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औक़ात देखो *** पिछला जन्म   पाप की गठरी    धरती पर बोझ   समाज के लिए पैबन्द    यह सब सुनकर भी   मुँह उठाए,  तुम्हें ही अग...
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शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013

402. जन्म का खेल (7 हाइकु) पुस्तक 34,35

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जन्म का खेल ******* 1. हर जन्म में  तलाशती ही रही  ज़रा-सी नेह ।  2. प्रतीक्षारत  एक नए युग की  कई जन्मों से ।  ...
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बुधवार, 24 अप्रैल 2013

401. अब तो जो बचा है (पुस्तक- 79)

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अब तो जो बचा है ******* दो राय नहीं  अब तक कुछ नहीं बदला था   न बदला है, न बदलेगा  सभ्यता का उदय और संस्कार की प्रथाएँ  युग ...
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रविवार, 21 अप्रैल 2013

400. रात (11 हाइकु) पुस्तक 33, 34

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रात ******* 1. चाँद न आया  रात की बेक़रारी बहुत भारी।  2. रात शर्माई  चाँद का आलिंगन  पूरनमासी।   3. रोज़ जा...
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बुधवार, 17 अप्रैल 2013

399. इलज़ाम न दो

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इलज़ाम न दो ******* आरोप निराधार नहीं  सचमुच तटस्थ हो चुकी हूँ  संभावनाओं की सारी गुंजाइश मिटा रही हूँ  जैसे रेत पे ज़िन्दगी लि...
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शुक्रवार, 5 अप्रैल 2013

398. मन में है फूल खिला (माहिया लिखने का प्रथम प्रयास) (5 माहिया)

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मन में है फूल खिला (5  माहिया)  (माहिया लिखने का प्रथम प्रयास) ******* 1. जाने क्या लाचारी    कोई ना समझे     मन फिर भी है भ...
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बुधवार, 3 अप्रैल 2013

397. अद्भुत रूप (5 ताँका)

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अद्भुत रूप   *** 1. नीले नभ से झाँक रहा सूरज,  बदली खिली  भीगने को आतुर धरा का कण-कण।   2. झूमती नदी  बतियाती लह...
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रविवार, 31 मार्च 2013

396. आदत

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आदत ******* सपने-अपने, ज़िन्दगी-बन्दगी    धूप-छाँव, अँधेरे-उजाले    सब के सब    मेरी पहुँच से बहुत दूर    सबको पकड़ने की कोशिश...
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बुधवार, 27 मार्च 2013

395. होली के रंग (8 हाइकु) पुस्तक 32, 33

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होली के रंग ******* 1. रंग में डूबी  खेले होरी दुल्हिन   नई नवेली ।  2.  मन चितेरा  अब तक न आया  फगुआ बीता ।  3...
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शनिवार, 23 मार्च 2013

394. आत्मा होती अमर (12 सेदोका)

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आत्मा होती अमर  *** 1. छिड़ी है जंग  सच-झूठ के बीच  होगी किसकी जीत? हारता झूठ    भले देर-सबेर   सच होता विजयी।    2. ...
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गुरुवार, 21 मार्च 2013

393. यह कविता है (क्षणिका)

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यह कविता है *******  मन की अनुभूति    ज़रा-ज़रा जमती,  ज़रा-ज़रा उगती ज़रा-ज़रा सिमटती, ज़रा-ज़रा बिखरती   मन की परछाई बन एक रूप है...
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बुधवार, 20 मार्च 2013

392. स्त्री के बिना (स्त्री पर 7 हाइकु) पुस्तक 32

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स्त्री के बिना  ******* 1. अग्नि-परीक्षा   अब और कितना  देती रहे स्त्री ।  2. नारी क्यों पापी  महज़ देखने से  पर-पुर...
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सोमवार, 18 मार्च 2013

391. तुम्हें पसंद जो है (क्षणिका)

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तुम्हें पसंद जो है ******* तस्वीरों में तुम  बड़े दिलकश लगते हो    आँखों में शरारत, होंठों पर मुस्कुराहट काली घनी लटें, कपाल को ज...
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बुधवार, 13 मार्च 2013

390. क्यों नहीं आते

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क्यों नहीं आते ******* अकसर सोचती हूँ   इतने भारी-भारी-से  ख़याल क्यों आते हैं जिनको पकड़ना  मुमकिन नहीं होता  और अगर पकड़...
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शुक्रवार, 8 मार्च 2013

389. अब न ऊ देवी है न कड़ाह

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अब न ऊ देवी है न कड़ाह ******* सरेह से अभी-अभी लौटे हैं    गोड़ में कादो-माटी, अँचरा में लोर   दउरी में दू ठो रोटी-नून-मर्चा  ...
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बुधवार, 6 मार्च 2013

388. चाँद का रथ (7 हाइकु) पुस्तक 31, 32

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चाँद का रथ ******* 1. थी विशेषता   जाने क्या-क्या मुझमें, हूँ अब व्यर्थ ।  2. सीले-सीले-से गर हों अजनबी,  होते हैं र...
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रविवार, 3 मार्च 2013

387. ज़िन्दगी स्वाहा (क्षणिका)

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ज़िन्दगी स्वाहा ******* कब तक आख़िर  मेढ़क बन कर रहें आओ संग-संग, एक बड़ी छलाँग लगा ही लें  पार कर गए तो मंज़िल  गिर पड़े तो वही दु...
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शुक्रवार, 1 मार्च 2013

386. कतर दिया

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कतर दिया ******* क्या-क्या न कतर दिया    कभी सपने    कभी आवाज़    कभी ज़िन्दगी    और तुम हो कि    किसी बात की कद्र ही नहीं कर...
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गुरुवार, 28 फ़रवरी 2013

385. हवा

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हवा *** हवा  कटार है, अंगार है, तूफ़ान है  हवा जलती है, सुलगती है, उबलती है  हवा लहू से लथपथ  लाल और काले के भेद से अनभिज्ञ ...
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शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2013

384. यादें जो है ज़िन्दगी (8 सेदोका)

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यादें जो है ज़िन्दगी  *** 1. वर्षा की बूँदें  टप-टप बरसे  मन का कोना भींगे,  सींचती रही  यादें खिलती रही   यादें जो है ...
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मंगलवार, 19 फ़रवरी 2013

383. औरत : एक बावरी चिड़ी (7 हाइकु) पुस्तक 30, 31

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औरत : एक बावरी चिड़ी  ****** 1. चिड़िया उड़ी बाबुल की बगिया  सूनी हो गई। 2. ओ चिरइया  कहाँ उड़ तू चली  ले गई ख़ुशी। ...
16 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 18 फ़रवरी 2013

382. जाड़ा भागो (13 हाइकु) पुस्तक 29, 30

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जाड़ा भागो *** 1. आँख मींचती थर-थर काँपती  ठण्डी हवाएँ। 2. आलसी दिन  है झटपट भागा  जो जाड़ा दौड़ा। 3. सूरज सोता...
18 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 14 फ़रवरी 2013

381. प्रेम का जादू (वेलेन्टाइन डे पर 7 हाइकु)

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प्रेम का जादू  *** 1. प्रेम का पाग घीमे-धीमे पकता जो प्रेम सच्चा ।  2. ख़ुद में लीन गिरता-सँभलता प्रेम अनाड़ी ।  3...
20 टिप्‍पणियां:
रविवार, 3 फ़रवरी 2013

380. हों मन सुवासित (नव वर्ष पर 7 हाइकु) पुस्तक 28

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हों मन सुवासित  ******* 1. शुभ प्रभात! मंगल-कामनाएँ नए साल में ।  2.  खुशियाँ फैले  हों मन सुवासित  हम सब का ।  3. ...
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गुरुवार, 31 जनवरी 2013

379. चकमा (क्षणिका)

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चकमा  ******* चलो आओ,  हाथ थामो मेरा,  मुट्ठी जोर से पकड़ो  वहाँ तक साथ चलो, जहाँ ज़मीन-आसमान मिलते हैं  वहाँ से सीधे नीचे छलाँग ...
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गुरुवार, 17 जनवरी 2013

378. स्टैचू बोल दे (10 क्षणिका)

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स्टैचू बोल दे  *******   1.  स्टैचू बोल दे ***  जी चाहता है   उन पलों को  तू स्टैचू बोल दे   जिन पलों में वह साथ हो   और फिर भूल ...
17 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 7 जनवरी 2013

377. क्रान्ति-बीज बन जाना (पुस्तक 59)

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क्रान्ति-बीज बन जाना *** रक्त-बीज से पनपकर  कोमल पंखुड़ियों-सी खिलकर  सूरज को मुट्ठी में भर लेना   तुम क्रान्ति-बीज बन जाना ।  नाज़ुक हथेलियो...
24 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 12 दिसंबर 2012

376. कहो ज़िन्दगी (पुस्तक 95)

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कहो ज़िन्दगी ******* कहो ज़िन्दगी  आज का क्या संदेश है  किस पथ पे जाना शुभ है किन राहों पे अशुभ घड़ी का दोष है? कहो ज़िन्दगी   ...
17 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 20 नवंबर 2012

375. रिश्ते (16 क्षणिकाएँ)

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रिश्ते  ******* 1. बेनाम रिश्ते  *** कुछ रिश्ते बेनाम होते हैं जी चाहता है   कुछ नाम रख ही दूँ  क्या पता किसी ख़ास घड़ी में   ...
16 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 16 अक्टूबर 2012

374. आज़ादी (पुस्तक 81)

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आज़ादी ******* आज़ादी कुछ-कुछ वैसी ही है  जैसे छुटपन में, पाँच  पैसे से ख़रीदा हुआ लेमनचूस  जिसे खाकर मन खिल जाता था,   खुले...
47 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 10 अक्टूबर 2012

373. नया घोसला (चोका - 3)

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नया घोसला  *** प्यारी चिड़िया  टुक-टुक देखती   टूटा घोसला  फूटे जो सारे अण्डे  सारे के सारे  मरे अजन्मे चूजे,  चीं-चीं  ...
11 टिप्‍पणियां:
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डॉ. जेन्नी शबनम
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'ये मन की अभिव्यक्ति का सफ़र है, जो प्रति-पल मन में उपजता है...' -जेन्नी शबनम
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