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बुधवार, 4 मार्च 2026

798. होली-त्योहार

होली-त्योहार

***

1.
रंगों के संग
फागुन की बयार
होली तैयार।

2.
फूलों की क्यारी
प्रकृति पिचकारी
रंग खेलती।

3.
सूखे गुलाल
लज़ीज़ पकवान
होली त्योहार।

4.
भाँग पीकर
मदमस्त नाचते
रंग-अबीर।

5.
निकली टोली
भूल गिले-शिकवे
सभी हैं रँगे।

6.
रंग क्या चढ़े
आर्टिफ़िशियल है
रंग व रिश्ते।

7.
अपने घर
खींचकर ले आया
होली का रंग।

8.
रंगीली होली
तन ही रँग सकी
मन उदास।

9.
नहीं सुहाता
अब कोई भी रंग
मन बेरंग।

10.
होली हकीम
मिटाए दुःख-दर्द
सुख असीम।

11.
आया अबीर
घोलके पी ली पीर
मन रंगीन।

12.
सबको रँगे
भेदभाव भूलके
बौराई होली।

-जेन्नी शबनम (4.3.2026)
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गुरुवार, 13 मार्च 2025

790. होली (होली पर 20 हाइकु)

होली

(होली पर 20 हाइकु)


1.
भाँग पीकर
पुआ-पूड़ी खाकर
होली अघाई।

2.
होली भौजाई
लगाकर गुलाल
ख़ूब लजाई।

3.
धर्म व जाति
भेद नहीं करती
भोली है होली।

4.
होलिका जली
जलकर दिखाई
कर्म का पथ।

5.
दे बलिदान
होलिका ने सिखाया
सत्य का ज्ञान।

6.
देकर प्राण
होलिका ने बचाया 
धर्म का मान।

7.
पगली हवा
रंग उड़ाके बोली-
गाओ फगुआ।

8.
उड़ाओ रंग
फगुआ को भाता है
गुलाबी रंग।

9.
रँगी बावरी
साँवरे के रंग में
खेलती होली।

10.
उड़ा गुलाल
पिया की प्यारी
हुई है लाल।

11.
भेद व द्वेष
मन से है मिटाती
होली सन्मार्गी।

12.
आकर खेलो
अतीत को भूलके
रंगीली होली।

13.
अब तो भूलो
ग़लतफ़हमियाँ
होली खेलो न!

14.
मन भी रँगा
फगुआ के फाग से
मन है बँधा।

15.
रंग लेकर
चली हवा बसन्ती
धरा रंगती।

16.
सब भौजाई
अपनी या पराई
होली है भाई।

17.
हँसी-ठिठोली
मोहल्ले की भौजाई
सबको भाई।

18.
लगाओ रंग
करो ख़ूब धमाल
होली है यार।

19.
फाग का रंग  
अकेला यह मन  
किसे लगाऊँ?

20.
आई है होली   
किससे बाटूँ पीर 
मन अधीर। 

जेन्नी शबनम (13.3.25)
__________________

सोमवार, 25 मार्च 2024

773. रंगों की झोली (20 हाइकु)

रंगों की झोली 

***

1.
विजयी भव
होली का आशीर्वाद
हर माँ देती।

2.
माँ-बाबा पास
रॉकेट से भेजती
रंगों की झोली!

3.
जम के खेलो
प्राकृतिक गुलाल
न हो बीमार।

4.
गेंदा-पलाश
बनके होली रंग
रहे हुलस।

5.
फगुआ गीत
मौसम में गूँजता
मन झूमता।

6.
होली का रंग
मन पे चढ़ा गाढ़ा
अपनों संग।

7.
होली त्योहार
परिवार जो साथ
फैला उल्लास।

8.
अम्मा ग़रीब
पिचकारी है रूठी
बच्चे उदास।

9.
रंग-गुलाल
नैहर न पीहर
किसको भेजूँ!

10.
फगुआ रंग
जाने मन की पीर
न हो अधीर।

11.
होली है आई
न रंग, न मिठाई
नहीं कमाई।

12.
फगुआ गाती
हवा हुई रंगीन
रंग उड़ाती।

13.
होली रंगीन
सबको रंगकर
ठट्ठा करती।

14.
होली के यार
रंग व पकवान
मिलके बाँटो।

15.
होली की मस्ती
भूलो अपनी हस्ती
रँग दो बस्ती।

16.
बसन्ती हवा
झूमती मतवाली
रंग लगाती।

17.
पलाश रंग
गहरा निखरता
प्यार का रंग।

18.
मन से खेली
फगुआ वाली होली
पिया की हो ली।

19.
रंग बरसे
मनवा है तरसे
पी परदेस।

20.
पराया घर
रंगीन हुआ तन
भीगा है मन।

-जेन्नी शबनम (25.3.24)
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गुरुवार, 9 मार्च 2023

758. होली (9 हाइकु)

होली (9 हाइकु)

***


1.

वासन्ती पर्व   

बन्धनों से हों मुक्त   

देती है सीख। 


2.

मन झूमता   

रंग की है बौछार   

मिलते यार। 


3.

हँसी-मज़ाक   

ये रंगीन-फुहार   

उम्र भुलाए। 


4.

फाग-तरंग   

हँसे मन मलंग   

खेलो रे रंग। 


5.

झूमके नाची   

अलसाई-सी देह   

होली के संग। 


6.

नशीला रंग   

मन को दिया रँग   

आओ खेले रंग।   


7.

होली रंगीन   

भिगोया जब तन   

मन भी रँगा। 


8.

फ़िज़ा रंगीन 

फागुन की फुहार 

मन क्यों सूना?


9.

रंग वही है

होली की खुमारी है,

मन  रँगा। 


- जेन्नी शबनम (8. 3. 23)

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शुक्रवार, 18 मार्च 2022

741. दुलारी होली (होली पर 15 हाइकु)

दुलारी होली

*** 

1. 
दे गया दग़ा    
रंगों का ये मौसम,   
मन है कोरा।   

2. 
छूके गुज़रा   
कर अठखेलियाँ   
मौसमी-रंग।   

3. 
होली आई   
मन ने दग़ा किया   
उसे भगाया।   

4. 
दुलारी होली   
मेरे दुःख छुपाई   
देती बधाई।   

5. 
सादा-सा मन   
होली से मिलकर   
बना रंगीला।   

6. 
होलिका-दिन   
होलिका जल मरी   
कमाके पुण्य।   

7. 
फगुआ मन   
जी में उठे हिलोर   
मचाए शोर।   

8. 
छाये उमंग   
खिलखिलाते रंग   
बसन्ती मन।   

9. 
ख़ूब बरसे   
ज्यों दारोगा की लाठी   
रंग-अबीर।   

10. 
बिन रँगे ही   
मन हुआ बसन्ती   
रुत है प्यारी।   

11. 
कैसी ये होली   
रिश्ते-नाते छिटके   
अकेला मन।   

12. 
छुपके आई   
कुंडी खटखटाई   
होली भौजाई।   

13. 
माई न बाबू   
मन कैसे हो क़ाबू,   
अबकी होली।   

14. 
अबकी साल   
मन हो गया जोगी,   
लौट जा होली!   

15. 
पी ली है भाँग   
लड़खड़ाती होली   
धप्प से गिरी। 

-जेन्नी शबनम (18.3.2022)
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सोमवार, 29 मार्च 2021

715. होली मइया (होली पर 21 हाइकु)

होली मइया 
(होली पर 21 हाइकु) 

*** 

1. 
उन्मुक्त रंग   
ऋतुराज बसन्त    
फगुआ गाते।   

2. 
बन्धन मुक्त   
भेदभाव से मुक्त,   
होली सन्देश।   

3. 
फगुआ आया   
फूलों ने खिलकर   
रंग बिखेरा।   

4. 
घुँघट काढ़े   
पी की राह अगोरे   
बावरी प्रिया।   

5. 
कैसी ये होली   
नइहर वीरान   
अम्मा न बाबा।   

6. 
माँ को ले गया,   
वक़्त बड़ा निष्ठुर   
होली ले आया।   

7. 
झूम के गाओ   
जोगीरा सा-रा रा-रा   
रंग चिहुँका।   

8. 
रंग गुलाल   
पुआ व पकवान   
होली के यार।   

9. 
होली का पर्व   
सरहद पे पिया,   
कैसे मनाऊँ?   

10. 
मलो गुलाल   
चढ़ा प्रेम का रंग,   
मिटा मलाल।   

11. 
भूलाके रार   
खेलो होली त्योहार,   
ज़िन्दगी छोटी।   

12. 
लेकर आईं   
उत्सव की स्मृतियाँ   
होली का दिन।   

13. 
कैसे थे दिन   
नाचती थीं हवाएँ   
होली के संग।   

14. 
अबकी होली   
पीर लिए है आई   
नहीं है माई।   

15. 
द्वार पे खड़ी   
मनुहार करती   
रँगीली होली।   

16. 
आज के दिन   
होली दुःखहारिणी   
पीर हरती।   

17. 
नशे में धुत्त   
भाँग पीके नाचती   
होली नशेड़ी।   

18. 
होली की दुआ-   
अशुभ का नाश हो   
साल शुभ हो!   

19. 
ठिठका रंग   
देख जग का रंग   
आहत होली।   

20. 
होली का दिन   
मुँह लटका, खड़ा   
टेसू का फूल।   

21. 
होली मइया,   
मन में पीर बड़ा   
रीसेट करो।   

-जेन्नी शबनम (28.3.2021)
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शनिवार, 14 मार्च 2020

649. रंगीली होली (होली पर 9 हाइकु) पुस्तक 113, 114

रंगीली होली 

*******

1.  
होली की टोली  
बैर-भाव बिसरे  
रंगीली होली।  

2.  
रंगों की मस्ती  
चेहरे भोले-भाले   
रंग हँसते।  

3.  
रंगों की वर्षा  
खिले जावा कुसुम  
घर-घर में।  

4.  
उड़ती आई  
मदमस्त फुहार  
रंग गुलाल।  

5.  
पिया बिदेस  
रंगों का ये गुबार  
जोगिया मन।  

6.  
निष्पक्ष रंग  
मिटाए भेद-भाव  
रंग दे मन।  

7.  
सजी सँवरी  
पिचकारी रँगीली  
होली आई रे।  

8.  
फीके से रिश्ते  
रंगों की बरसात  
रंग दे मन।  

9.  
हँसी ठिठोली  
रौनक-ही-रौनक  
होली हुलसी।  

- जेन्नी शबनम (10. 3. 2020)  
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गुरुवार, 21 मार्च 2019

609. रंगों की होली (10 हाइकु) पुस्तक - 105, 106

रंगों की होली    

*******   

1.   
रंगो की होली   
गाँठ मन की खोली   
प्रीत बरसी।   

2.   
पावन होली   
मन है सतरंगी   
सूरत भोली।   

3.   
रंगों की झोली   
आसमान ने फेंकी   
धरती रँगी।   

4.   
हवा में घुले   
रंग-भरे जज़्बात   
होली के साथ।   

5.   
होली रंग में   
दर्द के रंग घुले   
मन निश्छल।   

6.   
होली पहुँची   
छोटे पग धरके   
इस बसंत।   

7.   
पाहुन होली   
ज़रा देर ठहरी   
चलती बनी।   

8.   
रंग गुलाल   
सर-सर गिरते   
खेले कबड्डी।   

9.   
न पी, न पाई    
ये कैसी होली आई   
फीकी मिठाई।   

10.   
रंगों का मेला   
नहीं कोई पहरा   
गुम चेहरा।   

- जेन्नी शबनम (20. 3. 2019)   
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सोमवार, 13 मार्च 2017

538. जागा फागुन (होली के 10 हाइकु)

जागा फागुन 

***  

1.  
होली कहती-  
खेलो रंग गुलाल  
भूलो मलाल   

2.  
जागा फागुन  
एक साल के बाद,  
खिलखिलाता   

3.  
सब हैं रँगे  
फूल, तितली, भौंरे  
होली के रंग   

4.  
खेल तो ली है  
रंग-बिरंगी होली  
रँगा न मन   

5.  
छुपती नहीं  
होली के रंग से भी  
मन की पीर   

6.  
रंग-अबीर  
तन को रँगे, पर  
मन फ़क़ीर  

7.  
रंगीली होली  
इठलाती आई है  
मस्ती छाई है   

8.  
उड़के आता  
तन-मन रँगता  
रंग-गुलाल   

9.  
मुर्झाए रिश्ते  
किसकी राह ताके  
होली बेरंग  

10.  
रंग-अबीर  
फगुनाहट लाया  
मन बौराया   

-जेन्नी शबनम (12.3.2017)
___________________

गुरुवार, 24 मार्च 2016

508. फगुआ (होली के 10 हाइकु) पुस्तक 78

फगुआ  

*******  

1.  
टेसू चन्दन  
मंद-मंद मुस्काते  
फगुआ गाते   

2.  
होली त्योहार  
बचपना लौटाए  
शर्त लगाए   

3.  
रंगों का मेला  
खोया दर्द-झमेला,  
नया सवेरा   

4.  
याद दिलाते  
मन के मौसम को  
रंग-अबीर   

5.  
फगुआ बुझा,  
रास्ता अगोरे बैठा  
रंग ठिठका   

6.  
शूल चुभाता  
बेपरवाह रंग,  
बैरागी मन   

7.  
रंज औ ग़म  
रंग में नहाकर  
भूले धरम    

8.    
जाने क्या सोचा 
मेरा हाल न पूछे  
पावन रंग     

9.  
रंग बिखरा  
सिमटा न मुट्ठी में  
मन बिखरा   

10.  
रंग न सका  
होली का सुर्ख़ रंग  
फीका ये मन    

- जेन्नी शबनम (23. 3. 2016) 
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शुक्रवार, 6 मार्च 2015

489. इन्द्रधनुषी रंग (होली पर 10 हाइकु) पुस्तक 69,70

इन्द्रधनुषी रंग

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1.
तन पे चढ़ा
इन्द्रधनुषी रंग
फगुआ मन।    

2.
नाचे बहार
इठलाती है मस्ती
रंग हज़ार।  

3.
गिले-शिकवे  
कपूर से हैं उड़े   
होली मिलन। 

4.
रंग में भीगी
पर नहीं रंगीली  
बेरंग होली।  

5.
खेलूँगी होली
तेरी यादों के साथ
तू नहीं पास।  

6.
होली लजाई
वसंत ने जो छेड़े
फगुआ-तान।  

7.
कच्ची अमिया
फगुआ में नहाई
मुरब्बा बनी। 

8.
है हुड़दंग
हवा ने छानी भंग  
झूमे मलंग।   

9.
आम्र-मंजरी 
डाल पे हैं झूलती 
गाए फगुआ।   

10.
काहे न टिके
रंगों का ये मौसम
बारहों मास।  

- जेन्नी शबनम (5. 3. 2015)
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मंगलवार, 18 मार्च 2014

446. फगुआ रंग (होली पर 7 हाइकु) पुस्तक 51, 52

फगुआ रंग 

*******

1.
फगुआ रंग
मन हुआ मलंग
गाए तरंग।

2.
चटख रंग
अंग-अंग में लगे
मन बहके

3.
हवाएँ झूमी   
आसमान ने फेंके 
रंग गुलाबी। 

4.
बिखर गई
छटा इन्द्रधनुषी 
होली का दिन।  

5.
मन चहका 
देख के रंग पक्का 
चढ़ा फगुआ। 

6.
कैसी ये होली 
तक़दीर ने खेली 
छाई उदासी। 

7.
हुई बावरी 
भरके पिचकारी 
पिया पे डारी। 

- जेन्नी शबनम (15. 3. 2014)
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बुधवार, 27 मार्च 2013

395. होली के रंग (8 हाइकु) पुस्तक 32, 33

होली के रंग

*******

1.
रंग में डूबी 
खेले होरी दुल्हिन  
नई नवेली। 

2. 
मन चितेरा 
अब तक न आया 
फगुआ बीता। 

3.
धरती रँगी 
सूरज नटखट 
गुलाल फेंके। 

4.
खिलखिलाया 
रंग और अबीर
वसंत आया। 

5.
उड़ती हवा 
बिखेरती अबीर 
रंग बिरंगा। 

6.
तन पे चढ़ा 
फागुनी रंग जब,
मन भी रँगा।  

7.
ओ मेरे पिया 
करके बरजोरी
रंग ही दिया। 

8.
फागुनी हवा 
उड़-उड़ बौराती
रंग रंगीली। 

- जेन्नी शबनम (27. 3. 2013)
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सोमवार, 5 मार्च 2012

328. होली आई रे (होली पर 10 हाइकु) पुस्तक - 21, 22

होली आई रे
(होली पर 10 हाइकु)

*******

1. 
रंग-अबीर
मन हुआ अधीर
होली खेलो रे

2. 
फगुआ-पर्व
घर पाहुन आए 
मन चंचल

3. 
भंग-तरंग
इन्द्रधनुषी रंग
सब तरफ़

4. 
फगुआ मन
अंग-अंग में रंग
होली आई रे

5. 
होली त्योहार 
भेद-भाव मिटाए
मन मिलाए

6. 
अंग-अंग में
फगुनाहट छाए 
मनवा नाचे

7. 
घर है सूना
परदेसी सजना
होली रुलाए

8. 
कैसे मनाएँ 
है मन तड़पाए
पी बिन होली

9. 
तुम्हारे बिना
कैसे मनाऊँ होली
न जाओ पिया

10. 
बैरन होली
क्यों पिया बिन आए 
तीर चुभाए

- जेन्नी शबनम (5. 3. 2012)
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