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शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

809. तो मिले उपहार (5 ताँका)

तो मिले उपहार

***   

1.
राखी-त्योहार
भाई है शर्मसार
जेब है ख़ाली
कैसे ले उपहार
मँहगाई की मार।

2.
राखी है आई 
भाई है परदेस 
बहना दुःखी  
वीडियो-कॉल आया 
बहन मुस्कुराई। 

3.
स्नेह का धागा 
जोड़े रखता नाता 
भाई-बहन 
भले हों दूर-दूर 
पर प्रेम अटूट। 

4.
नन्ही बहना 
पहन के गहना 
चहक रही 
राखी पर भइया 
लाया प्यारा तोहफ़ा। 

5.
राखी त्योहार 
क्यों आता एक बार? 
बहना सोचे- 
हो हर इतवार   
तो मिले उपहार।

-जेन्नी शबनम (28.8.2026)
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सोमवार, 7 अगस्त 2017

553. रिश्तों की डोर (राखी पर 10 हाइकु) पुस्तक - 90, 91

रिश्तों की डोर  

*******  

1.  
हो गए दूर  
सम्बन्ध अनमोल  
बिके जो मोल।   

2.  
रक्षा का वादा  
याद दिलाए राखी  
बहन-भाई।   

3.  
नाता पक्का-सा  
भाई की कलाई में  
सूत कच्चा-सा।   

4.  
पवित्र धागा  
सिखाता है मर्यादा  
जोड़ता नाता। 

5.  
अपनापन  
अब भी है दिखता  
राखी का दिन।   

6.  
रिश्तों की डोर  
खोलती दरवाज़ा  
नेह का नाता।   

7.  
भाई-बहन  
भरोसे का बंधन  
अभिनंदन।   

8.  
ख़ूब खिलती  
चमचमाती राखी  
रक्षाबंधन।   

9.  
त्योहार आया  
भइया परदेशी  
बहना रोती।   

10.  
रक्षक भाई  
बहना है पराई  
राखी मिलाई।   

- जेन्नी शबनम (7. 8. 2017)
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गुरुवार, 18 अगस्त 2016

525. चहकती है राखी (राखी पर 15 हाइकु) पुस्तक 80, 81

चहकती है राखी   

*******   

1.   
प्यारी बहना   
फूट-फूट के रोई   
भैया न आया   

2.   
राखी है रोई   
सुने न अफ़साना   
कैसा ज़माना   

3.   
रिश्तों की क्यारी   
चहकती है राखी   
प्यार जो शेष   

4.   
संदेशा भेजो   
आया राखी त्योहार    
भैया के पास   

5.   
मन की पीड़ा   
भैया से कैसे कहें?   
राखी तू बता    

6.   
कह न पाई   
व्याकुल बहना,   
राखी निभाना   

7.   
संदेशा भेजो   
मचलती बहना   
आएगा भैया   

8.   
बहना रोए   
प्रेम का धागा लिये,   
रिश्ते दरके   

9.   
सावन आया   
नैनों से नीर बहे   
नैहर छूटा    

10.   
मन में पीर   
मत होना अधीर   
आज है राखी   

11.   
भाई न आया   
पर्वत-सा ये मन   
फूट के रोया    

12.   
राखी का थाल   
बहन का दुलार   
राह अगोरे    

13.   
रेशमी धागा   
जोड़े मन का नाता   
नेह बढ़ाता   

14.   
सूत है कच्चा   
जोड़ता नाता पक्का   
आशीष देता    

15.   
रक्षा-कवच   
बहन ने है बाँधी   
राखी जो आई   

- जेन्नी शबनम (18. 8. 2016)   
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बुधवार, 21 अगस्त 2013

417. मन के नाते (राखी पर 12 हाइकु) पुस्तक 43,44

मन के नाते (राखी के हाइकु) (12 हाइकु)

*******

1.
हाथ पसारे 
बँधवाने राखी 
चाँद तरसे। 

2.
सूनी कलाई 
बहना नहीं आई
भैया उदास। 

3.
बाँधो मुझे भी
चन्दा मामा कहता 
सुन्दर राखी।

4.
लाखों बहना
बाँध न पाए राखी 
भैया विदेश।

5.
याद रखना-
बहन का आशीष
राखी कहती।

6.
राखी की लाज
रखना मेरे भैया 
ढाल बनना।

7.
ये धागे कच्चे
जोड़ते रिश्ते पक्के
होते ये सच्चे।  

8.
किसको बाँधे
हैं सारे नाते झूठे  
राखी भी सोचे।

9.
नेह लुटाती 
आजीवन बहना 
होती पराई।

10.
करता याद
बस आज ही भैया 
राखी जो आई।

11.
नहीं है आता 
मनाने अब भैया  
अब जो रूठी।

12.
है अनमोल 
उऋण होऊँ कैसे 
मन के नाते

- जेन्नी शबनम (21. 8. 2013)
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गुरुवार, 2 अगस्त 2012

361. रक्षा बन्धन (राखी पर10 ताँका)

रक्षा बन्धन 

***

1.
पावन पर्व 
दुलारा भैया आया 
रक्षा बन्धन 
बहन ने दी दुआ 
बाँध रेशमी धागा। 

2.
राखी त्योहार  
सुरक्षा का वचन 
भाई ने दिया 
बहना चहकती 
उपहार माँगती। 

3.
राखी का पर्व 
सावन का महीना 
पीहर आई 
नन्हे भाई की दीदी 
स्नेह का धागा बाँधा। 

4.
आँखों में पानी 
बहन है पराई 
सूनी कलाई
कौन सजाए अब 
भाई के माथे रोली। 

5.
पूरनमासी 
सावन का महीना 
राखी त्योहार 
रक्षा-सूत्र ने बाँधा 
भाई-बहन नेह।  

6.
घर परिवार
स्वागत में तल्लीन 
मंगल पर्व
राखी-रोली-मिठाई 
बहनों ने सजाई।   

7.
शोभित राखी 
भाई की कलाई पे
बहन बाँधी  
नेह जो बरसाती 
नेग भी है माँगती। 

8.
प्यारा बन्धन 
अनोखा है स्पंदन 
भाई-बहन
खुशियाँ हैं अपार
आया राखी त्योहार।  

9.
चाँद चिंहुका 
सावन का महीना 
पूरा जो खिला
भैया, दीदी के साथ 
राखी मनाने आया। 

10.
बहन-भाई 
बड़े ही आनन्दित 
नेग जो पाया
बहन से भाई ने     
राखी जो बँधवाई। 

-जेन्नी शबनम (2.8.2012)
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360. राखी पर्व (राखी पर 15 हाइकु) पुस्तक- 23-25

राखी पर्व
(राखी पर 15 हाइकु)

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1.
भैया न जाओ
मेरी बलाएँ ले लो 
राखी बँधा लो। 

2.
बाट जोहते
अक्षत, धागे, टीका 
राखी जो आई।  

3.
बहन देती 
हाथों पे बाँध राखी  
भाई को दुआ। 

4.
राखी का सूत
बहनों ने माना 
रक्षा-कवच। 

5.
बहना खिली
रखिया बँधवाने   
भैया जो आया। 

6.
रंग-बिरंगी 
कतारबद्ध-राखी 
दूकानें सजी। 

7.
पावन पर्व
ये बहन भाई का  
रक्षा बंधन। 

8.
भूले त्योहार 
आपसी व्यवहार  
बढ़ा व्यापार।  

9.
चुलबुली-सी
कुदकती बहना 
राखी जो आई।   

10.
भाई का प्यार
राखी-पर्व जो आता  
याद दिलाता !

11.
मन भी सूना  
किसको बाँधे राखी 
भाई पीहर!

12.
नहीं सुहाता 
सब नाता जो टूटा  
रक्षा-बंधन। 

13,
नन्ही कलाई 
बहना ने सजाई 
देती दुहाई। 

14.
भाई है आया 
ये धागा खींच लाया  
है मज़बूत। 

15.
राखी जो आई  
भाई को खींच लाई  
बहना-घर। 

- जेन्नी शबनम (1. 8. 2012)
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शुक्रवार, 26 अगस्त 2011

275. राखी के धागे (राखी पर 11 हाइकु) (पुस्तक - 18)

राखी के धागे
(राखी पर 11 हाइकु)

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1.   
राखी का पर्व   
पूर्णमासी का दिन   
सावन माह   

2.   
राखी-त्योहार   
सब हों ख़ुशहाल   
भाई-बहन   

3.   
बहना आई   
राखी लेकर प्यारी   
भाई को बाँधी   

4.   
रक्षा बंधन   
प्यार का है बंधन   
पवित्र धागा   

5.   
रक्षा का वादा   
है भाई का वचन   
बहन ख़ुश   

6.   
भैया विदेश   
राखी किसको बाँधे   
राह निहारे  

7.   
राह अगोरे   
भइया नहीं आए   
राखी का दिन   

8.   
सजेगी राखी   
भैया की कलाई पे   
रंग-बिरंगी   

9.   
राखी की धूम   
दिखे जो चहुँ ओर   
मनवा झूमे   

10.   
रक्षा-बंधन   
याद रखना भैया   
प्यारी बहना   

11.   
अटूट रिश्ता   
जोड़े भाई-बहन   
रक्षा बंधन   

- जेन्नी शबनम (13. 8. 2011)   
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