शनिवार, 5 फ़रवरी 2022

738. वसन्त पंचमी (वसन्त पंचमी पर 10 हाइकु)

वसन्त पंचमी 

(वसन्त पंचमी पर 10 हाइकु)

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1. 
पीली सरसों   
आया है ऋतुराज   
ख़ूब वो खिली।   

2. 
ज्ञान की चाह   
है वसन्त पंचमी   
अर्चन करो।   

3. 
पावस दिन   
ये वसन्त पंचमी   
शारदा आईं।   

4. 
बदली ऋतु,   
काश! मन में छाती   
बसन्त ऋतु।   

5. 
अब जो आओ   
ओ! ऋतुओं के राजा   
कहीं न जाओ।   

6. 
वाग्देवी ने दीं   
परा-अपरा विद्या,   
हुए शिक्षित।   

7. 
चुनरी रँगा   
बसन्त रंगरेज़   
धरा लजाई।   

8. 
पीला ही पीला   
बसन्त जादूगर   
फूल व मन।   

9. 
वसन्त ऋतु!   
अब नहीं लौटना   
हाथ थामना।   

10.
हे पीताम्बरा!   
सदा साथ निभाना   
चेतना तुम। 

- जेन्नी शबनम (5. 2. 2022)
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5 टिप्‍पणियां:

Ravindra Singh Yadav ने कहा…

आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर रविवार 06 फ़रवरी 2022 को लिंक की जाएगी ....

http://halchalwith5links.blogspot.in
पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!

!

कविता रावत ने कहा…

बहुत सुन्दर वासंती रंग में रंगी हायकु प्रस्तुति

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बसंत ही बसंत । बेहतरीन हाइकू ।

Gajendra Bhatt "हृदयेश" ने कहा…

सुन्दर बसन्ती हाइकू!

INDIAN the friend of nation ने कहा…

good poem on basant ritu