शनिवार, 14 नवंबर 2020

697. प्रकाश-पर्व

प्रकाश-पर्व


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1.

धूम धड़ाका   

चारों ओर उजाला   

प्रकाश-पर्व!


2.

फूलों-सी सजी   

जगमग करती   

दीयों की लड़ी!


3.

जगमगाते   

चाँद-तारे-से दीये   

घोर अमा में!


4.

झूमती गाती   

घर-घर में सजी   

दीपों की लड़ी


5.

झिलमिलाता   

अमावस की रात   

नन्हा दीपक!


6.

फुलझड़ियाँ   

पटाखे और दीये   

गप्पे मारते!


7.

दिवाली कही –   

दूर भाग अँधेरा,   

दीया है जला!


8.

रोशनी खिली   

अँधेरा हुआ दुखी   

किधर जाए!


9.

दीया जो जला   

सरपट दौड़ता   

तिमिर भागा!


10.

रिश्ते महके   

दीयों संग दमके   

दीवाली आई!  

  • जेन्नी शबनम (14. 11. 2020) _____________________