गुरुवार, 17 जनवरी 2013

378. स्टैचू बोल दे (10 क्षणिका)

स्टैचू बोल दे 

*******  

1. 
स्टैचू बोल दे
*** 
जी चाहता है  
उन पलों को तू स्टैचू बोल दे  
जिन पलों में 'वो' साथ हो  
और फिर भूल जा

2.
लाइफ़
***  
एक मुट्ठी ही सही  
तू उसके मन में चाहत भर दे  
लाइफ़ भर का मेरा काम  
चल जाएगा

3.
बैलेंस 
***  
भरोसे की पोटली में  
ज़रा-सा भ्रम भी बाँध दे  
सत्य असह्य हो तो  
भ्रम मुझे बैलेंस करेगा

4.
नम्बर लॉक
***   
उसके लम्स के कतरे  
तू अपनी उस तिजोरी में रख दे  
जिसमें चाभी नहीं नंबर लॉक हो  
मेरी तरह वो तुझसे  
जबरन न कर सकेगा  

5.
सेटलाइट
***  
अंतरिक्ष में  
एक सेटलाइट टाँग दे  
जो सिर्फ़ मेरी निगहबानी करे  
तुझे जब फ़ुर्सत हो रिवाइंड कर  
और मेरा हाल जान ले

6. 
कैलेण्डर 
***
क़यामत का दिन  
तूने मुकरर्र तो किया होगा  
इस साल के कैलेण्डर में घोषित कर दे  
ताकि उससे पहले  
अपने सातों जन्म जी लूँ  

7.
सेविंग्स अकाउंट 
***  
अपना थोड़ा वक़्त  
तेरे बैंक के सेविंग्स अकाउंट में  
जमा कर दिया है  
न अपना भरोसा न दुनिया का  
अंतिम दिन कुछ वक़्त  
जो सिर्फ़ मेरा

8. 
मैनेजमेंट
*** 
मैं सागर हूँ  
मुझमें लहरें, तूफ़ान, ख़ामोशी, गहराई है  
इस दुनिया में भेजने से पहले  
मैनेजमेंट का कोर्स  
मुझे करा तो दिया होता  

9. 
बाय 
*** 
मेरे कहे को सच न मान  
रोज़ 'बाय' कर लौटना होता है  
और उसने कहा-  
जाकरके आते हैं  
कभी न लौटा  

10.
कंफ़्यूज़
***  
बहुत कंफ़्यूज़ हूँ
एक प्रश्न का उत्तर दे-  
मुझे धरती क्यों बनाया?  
जबकि मन इंसानी!  

- जेन्नी शबनम (17. 1. 2013)  
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