रविवार, 12 नवंबर 2023

766. दीवाली ख़ुश (20 हाइकु)

दीवाली ख़ुश (हाइकु)
***
1.
पूनो-सी खिली
चहके दीया-बाती
हर अँगना।

2.
अमा जा छुपी
दीयों से डरकर,
ख़ुश दीवाली।

3.
बम-पटाखे
प्रदूषण से हारे
डिब्बों में बन्द।

4.
जल न सके
प्रदूषण पसरा
पटाखे दुःखी।

5.
जन बेचारा
प्रदूषण का मारा
पटाखे गुम।

6.
पूनो चाहती-
काश! दिखे दीवाली!
अमा से हारी।

7.
नभ में तारे
दीवाली हैं मनाते
ज़मीं पे दीए।

8.
अमा की रात
घर-घर पूर्णिमा
दीवाली रात।

9.
ऊँचे महल
जगमग दीवाली,
झोपड़ी दुःखी।

10.
अमा भगाके
दीवाली देती सीख-
विजयी भव!

11.
रात काली है
मन में दीवाली है
घबराना क्यों?

12.
अमा छँटेगी
मत सोच अधिक
होगी दीवाली। 

13.
चाँद-सितारे
प्रदूषण ने खाए,
दीप जलाएँ।

14.
हारना मत
दीवाली का सन्देश
दीप-से जलो!

15.
अँधेरा छुपा,
घर-घर दीवाली
लगती न्यारी।

16.
माटी का दीया
जगमग बिजली,
दुःखी बेचारा।

17.
मुस्कुरा रही
दीपों की फुलवारी
सुन्दर-प्यारी।

18.
सुन दीवाली!
जल्दी मत लौटना
साथ रहना।

19.
दीवाली बोली-
माटी के दीप जला!
माटी है ख़ुश।

20.
ख़ूब चहकी
बिजली की लड़ियाँ,
दीपक दुःखी।

-जेन्नी शबनम (12.10.202)
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