गुरुवार, 12 अप्रैल 2012

339. बेसब्र इन्तिज़ार (क्षणिका)

बेसब्र इन्तिज़ार 

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कितने सपने, कितने इम्तिहान
अगले जन्म का बेसब्र इन्तिज़ार
कमबख़्त ये जन्म तो ख़त्म हो। 

-जेन्नी शबनम (12.4.2012)
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