Wednesday, 15 August 2012

367. स्वतंत्रता दिवस (स्वतन्त्रता दिवस पर 20 हाइकु)

स्वतंत्रता दिवस 
(स्वतन्त्रता दिवस पर 20 हाइकु)

*******

1.
आई आज़ादी 
अहिंसा के पथ से
बापू का मार्ग !

2.
फूट के रोए
देख के बदहाली 
वे बलिदानी !

3.
डूब रही है 
सब मिल बचाओ
देश की नैया !

4.
सोई है आत्मा 
स्वतंत्रता बाद भी 
गुलाम मन !

5.
कौन जो रोके 
चिथड़ों में बँटती 
हमारी ज़मीं !

6.
वीर सिपाही 
जिनका बलिदान 
देश भुलाया !

7.
देश को मिली 
भला कैसी आज़ादी ?
मन गुलाम !

8.
हम आज़ाद 
तिरंगा लहराए 
सम्पूर्ण देश !

9.
पंद्रहवीं तिथि 
अगस्त सैतालिस 
देश-स्वतंत्र !

10.
जनता ताके 
अमन की आशा से 
देश की ओर !

11.
हमारा नारा 
भारत महान का 
सुने दुनिया !

12.
सौंप गए वे 
आज़ाद हिन्दुस्तान 
खुद मिट के !

13.
आज़ादी संग  
ज़मीन-मन बँटे
दो टुकड़ों में !

14.
मिली आज़ादी 
तिरंगा लहराया 
लाल किले पे !

15.
गूँजी दिशाएँ 
वंदे मातरम से 
सम्पूर्ण देश !

16.
जश्न मनाओ 
देश का त्योहार है 
आज़ादी-पर्व !

17.
विस्मृत हुए 
अमर बलिदानी 
अपनों द्वारा !

18.
हमको मिली 
भौगोलिक आज़ादी
मन गुलाम !

19.
स्वाधीन देश 
जिनकी बदौलत
नमन उन्हें !

20.
जश्न मनाओ 
सब मिल के गाओ 
आज़ादी-गीत !

- जेन्नी शबनम (अगस्त 15, 2012)

_______________________________

9 comments:

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत सुंदर हाइकू,,,,बेहतरीन प्रस्तुति,,

वे क़त्ल होकर कर गये देश को आजाद,
अब कर्म आपका अपने देश को बचाइए!

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाए,,,,
RECENT POST...: शहीदों की याद में,,

यशवन्त माथुर said...

बहुत ही बढ़िया
स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ!


सादर

vandan gupta said...

बहुत खूबसूरत हाइकू………………स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !

kavita verma said...

sundar sarthak hayku..

India Darpan said...

बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रस्तुति....
बधाई
भारत के 66 वेँ स्वाधीनता दिवस की

इंडिया दर्पण
की ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

sushila said...

भिन्न-भिन्न भाव लिए - श्रद्धा के, खुशी के, गर्व के और चिंता तथा आशा के, मन को भाते हाइकु। पूरे भाव से रचे हैं ये हाइकु। बहुत सुंदर।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Bharat Bhushan said...

आपने उस गुलामी को प्रभावी रूप से रेखांकित कर दिया है जहाँ हम अभी गुलाम हैं. बढ़िया हाइकु.

Rakesh Kumar said...

हमको मिली
भौगोलिक आज़ादी
मन गुलाम !

सच लिखा है आपने जेन्नी जी.
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.