शनिवार, 5 अप्रैल 2014

448. पात झरे यूँ (पतझर पर 10 हाइकु) पुस्तक 52,53

पात झरे यूँ 

*******

1.
पात झरे यूँ 
तितर-बितर ज्यूँ 
चाँदनी गिरे।

2.
पतझर ने 
छीन लिए लिबास
गाछ उदास

3.
शैतान हवा
वृक्ष की हरीतिमा
ले गई उड़ा

4.
सूनी है डाली
चिड़िया न तितली
आँधी ले उड़ी।

5.
ख़ुशी बिफरी 
मन में पतझर
उदासी फैली

6.
खुशियाँ झरी
जिन्दगी की शाख़ से
ज्यों पतझर।

7.
काश मैं होती
गुलमोहर जैसी
बेपरवाह।

8.
फिर खिलेगी
मौसम कह गया
सूनी बगिया।

9.
न रोको कभी
आकर जाएँगे ही
मौसम सभी।

10.
जिन्दगी ऐसी
पतझर के बाद
वीरानी जैसी।

- जेन्नी शबनम (4. 4. 2014)
___________________

11 टिप्‍पणियां:

संजय भास्‍कर ने कहा…

. खुशियाँ झरीजिन्दगी की शाख सेज्यों पतझर ।
...एक से एक गहरे अर्थो वाली पंक्तिया .......मन फ्रेश हो गया !!

राजीव कुमार झा ने कहा…

बहुत सुंदर हायकू.
नई पोस्ट : मिथकों में प्रकृति और पृथ्वी

सहज साहित्य ने कहा…

बहन जेन्नी जी , प्रकृति के उपादानों के नाम गिनाने वाले तो बहुत हैं ; आपने अपने इन हाइकु में पतझर के बहाने प्रकृति के विभिन्न रूपों का सुन्दर चित्रण किया है , आलम्बन से लेकर ,मानवीकरण ,उद्दीपन और प्रतीक तक ।शैतान हवा का गुण बहुत सार्थक लगा। आपकी भाषा की गहरी पकड़ , संश्लिष्ट अभिव्यक्ति इन हाइकु को ऊँचाई प्रदान करती है । आपके ये हाइकु तो विशिष्ट हैं-
2.
पतझर ने
छीन लिये लिबास
गाछ उदास ।
3.
शैतान हवा
वृक्ष की हरीतिमा
ले गई उड़ा ।
4.
सूनी है डाली
चिड़िया न तितली
आँधी ले उड़ी ।
5.
ख़ुशी बिफ़री
मन में पतझर
उदासी फैली ।
-0-
हार्दिक बधाई के साथ -रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'

आशीष अवस्थी ने कहा…

बहुत ही सुन्दर व बढिया हाइकू , आदरणीय धन्यवाद व स्वागत है !I.A.S.I.H ( हिंदी जानकारियाँ )
हिंदी ब्लॉग जगत में एक नए ब्लॉग की शुरुवात हुई है कृपया आप सब से विनती है कि एक बार अवश्य पधारें , व अपना सुझाव जरूर रक्खें , धन्यवाद ! ~ ज़िन्दगी मेरे साथ - बोलो बिंदास ! ~ ( एक ऐसा ब्लॉग -जो जिंदगी से जुड़ी हर समस्या का समाधान बताता है )

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सुदर हाइकू ... स्पष्ट बात रखते हुए ...

Vaanbhatt ने कहा…

बहुत सुंदर हाइकूज़...

Maheshwari kaneri ने कहा…

सभी हायकू बहुत सुन्दर है..

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

bahut dinon ke bad aai aapke blog par refresh hokar jaa rahi hoon sare hiku sundar hain .....

विभा रानी श्रीवास्तव ने कहा…

सारे हाइकु बेजोड़
एक दूसरे से करते होड
शुभ कामनाएँ इस मोड

Satish Saxena ने कहा…

वाह !!
मंगलकामनाएं आपको !

Asha Joglekar ने कहा…

सुंदर हआइकू पतझड के बहाने जीवन दर्शन।

शाख से झरे पातों सी खुशियाँ गईँ
पर नये कोमल पातों सी नई बातें लाईं।