Saturday, 15 February 2020

647. भोली-भाली

भोली-भाली 

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मेरी बातें भोली-भाली  
जीभर कर हैं हँसने वाली  
बात तुम्हारी जीवन वाली  
इक जीवन में ढ़लने वाली  
दुख की बातें न करना जो  
घुट-घुट कर हैं मरने वाली  
रद्दी सद्दी बातें हुईं जो  
समझो वो है भूलने वाली  
बात चली जो भी थक-थक के  
ये समझो है रुकने वाली  
ऐसी बातें कहा करो मत  
धुक-धुक साँसें भरने वाली  
प्यार की बातें करती है 'शब'  
दर्द नहीं अब कहने वाली।  

- जेन्नी शबनम (14. 2. 2020)  

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2 comments:

Rohitas ghorela said...

जहाँ प्यार है वहाँ दुःख व दर्द की बात कौन करे.. करे तो कोई समझे क्यों भले.
उम्दा रचना.
आइयेगा- प्रार्थना

Anonymous said...

"प्यार की बातें करती है 'शब'
दर्द नहीं अब कहने वाली"