शुक्रवार, 18 जून 2021

728. एक गुलमोहर का इन्तिज़ार है

एक गुलमोहर का इन्तिज़ार है 


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उम्र के सारे वसंत वार दिए   
रेगिस्तान में फूल खिला दिए   
जद्दोजहद चलती रही एक अदद घर की   
रिश्तों को सँवारने की   
हर डग पर चाँदनी बिखराने की   
हर कण में सूरज उगाने की   
अंततः मकान तो घर बना   
परन्तु किसी कोने पर मेरा कोई रंग न चढ़ा   
कोई भी कोना महफूज़ न रहा   
न मेरे मन का न घर का   
कोई कोना नहीं जहाँ सुकून बरसे   
सूरज चाँद सितारे आकर बैठें   
हमसे बतकहियाँ करते हुए जीवन को निहारे   
धीरे-धीरे हर रिश्ता दरकता गया   
घर मकान में बदलता रहा   
सब बिखरा और पतझर आकर टिक गया   
अब यहाँ न फूल है न पक्षियों के कलरव   
न हवा नाचती है न गुनगुनाती है   
कभी भटकते हुए आ जाए   
तो सिर्फ़ मर्सिया गाती है   
अब न सपना कोई न अपना कोई   
मन में पसरा अकथ्य गाथा का वादा कोई   
धीरे-धीरे वीरानियों से बहनापा बढ़ा   
जीवन पार से बुलावा आया   
पर न जाने क्यों   
न इस पार न उस पार   
कहीं कोई कोना शेष न रहा   
जाने की आतुरता को किसी ने बढ़कर रोक लिया   
और मेरा गुलमोहर भी गुम हो गया   
जो हौसला देता था विपरीत परिस्थितियों में अडिग रहने का   
साहस और हौसला को ख़ाली मन में भरने का   
अब न रिश्ते न घर न गुलमोहर   
न इस पार न उस पार कोई ठौर   
जीवन के इस पतझर में   
एक गुलमोहर का इन्तिज़ार है।   

- जेन्नी शबनम (18. 6. 2021)
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7 टिप्‍पणियां:

अनीता सैनी ने कहा…

जी नमस्ते ,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (१९-०६-२०२१) को 'नेह'(चर्चा अंक- ४१००) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है।
सादर

Onkar ने कहा…

बहुत सुंदर

Sudha Devrani ने कहा…

जाने की आतुरता को किसी ने बढ़कर रोक लिया
और मेरा गुलमोहर भी गुम हो गया
जो हौसला देता था विपरीत परिस्थितियों में अडिग रहने का
साहस और हौसला को ख़ाली मन में भरने का
अब न रिश्ते न घर न गुलमोहर
न इस पार न उस पार कोई ठौर
जीवन के इस पतझर में
एक गुलमोहर का इन्तिज़ार है।

सचमुच गुलमोहर प्रेरणा देता है विपरीत परिस्थितियों में जीने की...।
बेहद हृदयस्पर्शी भावपूर्ण सृजन....
वाह!!!

Udan Tashtari ने कहा…

हृदयस्पर्शी

Meena Bhardwaj ने कहा…

हृदयस्पर्शी सृजन ।

जितेन्द्र माथुर ने कहा…

लगता है जैसे इस कविता में मेरे दिल के दर्द को ज़ुबां दे दी गई है।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

ये इंतज़ार शीघ्र पूरा हो और आपको अपना गुलमोहर मिले ।