Friday, 26 August 2011

275. राखी के धागे (राखी पर 11 हाइकु)

राखी के धागे
(राखी पर 11 हाइकु)

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1.   
राखी का पर्व   
पूर्णमासी का दिन   
सावन माह !   

2.   
राखी-त्योहार   
सब हों ख़ुशहाल   
भाई-बहन !   

3.   
बहना आई   
राखी लेकर प्यारी   
भाई को बाँधी !   

4.   
रक्षा बंधन   
प्यार का है बंधन   
पवित्र धागा !   

5.   
रक्षा का वादा   
है भाई का वचन   
बहन ख़ुश !   

6.   
भैया विदेश   
राखी किसको बाँधे   
राह निहारे !   

7.   
राह अगोरे   
भइया नहीं आए   
राखी का दिन !   

8.   
सजेगी राखी   
भैया की कलाई पे   
रंग-बिरंगी !   

9.   
राखी की धूम   
दिखे जो चहुँ ओर   
मनवा झूमे !   

10.   
रक्षा-बंधन   
याद रखना भैया   
प्यारी बहना !   

11.   
अटूट रिश्ता   
जोड़े भाई-बहन   
रक्षा बंधन !   

- जेन्नी शबनम (13. 8. 2011)   

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8 comments:

Sunil Kumar said...

यह विधा सबसे कठिन मुझे लगती है मगर आपने तो कितनी आसानी से लिख दी| बहुत बहुत बधाई.....

सहज साहित्य said...

भाई -बहन के पावन प्दिरेम को स्लवरूप देने वाल मधुर हाउकु दिल को छूने में कामयाब रहे । इस विधा को आपने सजीव कर दिया है।

प्रेम सरोवर said...

कहा जाता है कि मानो तो देव नही तो पत्त्थर...
भाई बहन का प्यार हर इंसान के जीवन में उपर वाले ने नही लिखा है एवं जिनको उपर वाले ने इसे दिया है , उसे लोग भूलते जा रहे हैं । इस पावन त्यौहार को पावन मन से निभाना चाहिए ताकि कोई बहन इस तथ्य से वंचित न रह जाए कि वह अपने भाई को राखी न बाँध सकी । धन्यवाद।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

सभी हाइकू बहुत बढ़िया हैं।

Rakesh Kumar said...

आपकी कुछ रचनाएँ पढ़ीं.
बहुत अच्छा लगा.
आपकी यह विधा भी अच्छी लगी.

समय मिलने पर मेरे ब्लॉग को भी दर्शन देकर धन्य कीजियेगा.

Unknown said...

बढ़िया हैं.................सभी हाइकू .

Unknown said...

आपकी यह विधा भी अच्छी लगी

Unknown said...

सुन्दर प्रस्तुति ..