रविवार, 17 जून 2012

352. ओ मेरे बाबा (पितृ-दिवस पर 5 हाइकु)

ओ मेरे बाबा 
(पितृ-दिवस पर 5 हाइकु)

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1.
ओ मेरे बाबा !
तुम हो गए स्वप्न 
छोड़ जो गए |

2.
बेटी का बाबा
गर साथ न छूटे  
देता हौसला |

3.
तोतली बोली 
जो बिटिया ने बोली 
निहाल बाबा | 

4.
बाबा तो गए 
अब किससे रूठूँ
कौन मनाए?

5.
सिर पे छाँव
कोई भी हो मौसम  
बाबा आकाश |

- जेन्नी शबनम (जून 17, 2012)

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14 टिप्‍पणियां:

PRAN ने कहा…

BADEE HEE MARMIK KAVITA . AAPKEE
KAVITA PADH KAR MEREE AANKHEN BHEEG
GAYEE HAIN .

PRAN SHARMA ने कहा…

BAHUT HEE MARMIK KAVITA .AAPKEE
KAVITA PADH KAR MEREE AANKHEN BHEEG
GAYEE HAIN

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

सिर पे छाँव
कोई भी हो मौसम
बाबा आकाश |

हृदयस्पर्शी हाइकु.....

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

मर्मस्पर्शी हाइकु ... सुंदर प्रस्तुति

Madhuresh ने कहा…

बाबा को समर्पित बहुत अच्छे हाइकु...
सादर

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति..! सुप्रभात...!
आपका दिन मंगलमय हो....!

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

दिल से रची दिल तक पहुँचती सुन्दर हाईकू रचनाएं....

आदर्श ग्रन्थ
बिखरती रोशनी
साथ पिता हैं.


सादर.

रश्मि प्रभा... ने कहा…

सिर पे छाँव
कोई भी हो मौसम
बाबा आकाश ... एक सुरक्षा स्तम्भ

Maheshwari kaneri ने कहा…

सिर पे छाँव
कोई भी हो मौसम
बाबा आकाश |...बहुत सुन्दर..भावपूर्ण..रचना

ANULATA RAJ NAIR ने कहा…

बहुत प्यारे हायेकु....
थोड़े से शब्दों में ढेर सी भावनाएं....

अनु

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बाबा तो गए
अब किससे रूठूँ
कौन मनाए? ...

मन की व्यथा कों इन कम शब्दों में लिखा है ... दिल कों छूते हुवे सभी हाइकू ...

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

baba ki yaad
khushiyan
aur prem ka ahsaas!

Rakesh Kumar ने कहा…

बहुत ही हृदयस्पर्शी और मार्मिक प्रस्तुति.
आपके बाबा जी को सादर नमन.

Harash Mahajan ने कहा…

बहुत सुंदर जेन्नी जी अछे अहसासात लिए हुए .....दाद ।