मंगलवार, 26 मई 2026

802. प्रचण्ड गर्मी (10 हाइकु)

प्रचण्ड गर्मी

***

1.
प्रचण्ड गर्मी
धरा उबल रही
सूर्य अलाव।

2.
तपती धरा
हाहाकार है मचा
सूर्य अंगारा।

3.
लू के थपेड़े
सूर्य आग उगले 
सब झुलसे।

4.
रहम करो
प्रकृति पुकारती
सूर्य बहरा।

5.
पड़ा महँगा
प्रकृति से खेलना
क्रूर सूरज।

6.
खेत झुलसा
जीवन का बन्धन
साथ ही टूटा।

7.
प्यासे बेहाल
जीव-जंतु तड़पें 
पानी है खोजें।

8.
पी गया सूर्य
धरा हुई निर्जल 
मृत तलैया।

9.
साँसें ले आईं
खिला गुलमोहर
गरम हवा।

10.
शैतान सूर्य
आग है बरसाता
गर्मी का राजा।

-जेन्नी शबनम (24.5.2026)

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6 टिप्‍पणियां:

Pammi singh'tripti' ने कहा…


आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 27 मई 2026 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

Anita ने कहा…

सूरज को तो खबर भी नहीं, वह तो जैसे सदा से जलता आया है, जल रहा है, आदमी अपने ही किए की सजा भोगता है, किया उसका फल रहा है

M VERMA ने कहा…

बहुत सुंदर

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

सही कहा। प्रकृति को हमलोग ने असंतुलित कर दिया है, जिसका फल भुगत रहे

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

शुक्रिया

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

वाह