गुरुवार, 7 नवंबर 2019

638. महज़ नाम

महज़ नाम 

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कभी लगता था कि किसी के आँचल में   
हर वेदना मिट जाती है   
मगर भाव बदल जाते हैं   
जब संवेदना मिट जाती है   
न किसी प्यार का ना अधिकार का नाम है   
माँ संबंध नहीं   
महज पुकार का एक नाम है   
तासीर खो चुका है   
बेकार का नाम है   
माँ संबंध नहीं   
महज पुकार का एक नाम है!   

- जेन्नी शबनम (7. 11. 2019)   

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