मंगलवार, 24 अक्तूबर 2017

561. दीयों की पाँत (दिवाली के 10 हाइकु)

दीयों की पाँत (दिवाली के 10 हाइकु)  

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1.  
तम हरता  
उजियारा फैलाता  
मन का दीया!  

2.  
जागृत हुई  
रोशनी में नहाई  
दिवाली-रात!  

3.  
साँसें बेचैन,  
पटाखों को भगाओ  
दीप जलाओ!  

4.  
पशु व पक्षी  
थर-थर काँपते,  
पटाखे यम!  

5.  
फिर से आई  
ख़ुशियों की दिवाली  
हर्षित मन!  

6.  
दिवाली रात  
दीयों से डर कर  
जा छुपा चाँद!  

7.  
अँधेरी रात  
कर रही विलाप,  
दीयों की ताप!  

8.  
सूना है घर,  
बैरन ये दिवाली  
मुँह चिढ़ाती!  

9.  
चाँद जा छुपा  
सूरज जो गुस्साया  
दिवाली रात!  

10.  
झुमती रात  
तारों की बरसात  
दीयों की पाँत!  

- जेन्नी शबनम (19. 10. 2017)  

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