Friday 11 April 2014

449. समय-रथ (समय पर 4 हाइकु)

समय-रथ 
(समय पर 4 हाइकु)  

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1.
रोके न रुके 
अपनी चाल चले 
समय-रथ !

2.
न देख पीछे 
सब अपने छूटे
यही है सच !

3.  
नहीं फूटता 
सदा भरा रहता
दुःखों का घट !  

4.
स्वीकार किया 
ज़िन्दगी से जो मिला 
नहीं शिकवा !

- जेन्नी शबनम (24. 3. 2014)

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