Monday, April 28, 2014

453. गुमसुम ये हवा (स्त्री पर 7 हाइकु)

गुमसुम ये हवा 
(स्त्री पर 7 हाइकु)

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1.
गाती है गीत
गुमसुम ये हवा
नारी की व्यथा !

2.
रोज़ सोचती
बदलेगी किस्मत
हारी औरत !

3.
खूब हँसती
खुद को ही कोसती
दर्द ढाँपती !

4.
रोज़ ब रोज़
ख़ाक होती ज़िन्दगी
औरत बंदी !

5.
जीतनी होगी
युगों पुरानी जंग
औरतें जागी !

6.
बहुत दूर
आसमान ख़्वाबों का
स्त्रियों का सच !

7. जीत न पाई
ज़िन्दगी की लड़ाई
मौन स्वीकार !

- जेन्नी शबनम (8. 3. 2014)

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