Monday, May 13, 2013

405. माँ (मातृ दिवस पर 11 हाइकु)

 माँ 
(मातृ दिवस पर 11 हाइकु)

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1.
जिससे सीखा 
सहनशील होना, 
वो है मेरी माँ ! 

2.
माँ-सी है छवि 
माँ मुझमें है बसी,  
माँ देती रूप ! 

3.
स्त्री है जननी 
रच दिया संसार 
पर लाचार ! 

4.
हर नारी माँ 
हर बेटी होती माँ 
मुझमें भी माँ ! 

5.
हर माँ देती 
सूरज-सी रोशनी 
निःस्वार्थ भाव ! 

6.
रचा संसार 
मानी गई बेकार 
जाने क्यों नारी ? 

7.
धरा-सी धीर 
बन कोख की ढ़ाल 
प्रेम लुटाती !

8.
माँ की ममता 
ब्रह्मांड है समाया 
ओर न छोर ! 

9.
प्यार लुटाती  
प्यार को तरसती  
पीर लिए माँ ! 

10.
उसने छला 
जिसके लिए मिटी
उसकी वो माँ ! 

11.
एक ही दिन 
क्यों याद आती है वो ?
जो जन्म देती ! 

(मातृ दिवस पर )
- जेन्नी शबनम (12. 5. 2013)

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