गुरुवार, 6 जनवरी 2011

201. नए साल में मेरा चाँद

नए साल में मेरा चाँद

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चाँद के दीदार को
हम तरस गए
अल्लाह !
अमावास का अंत
क्यों होता नहीं?
मुमकिन है
नया साल
चाँद से
रूबरू करा जाए !

- जेन्नी शबनम (6. 1. 2011)

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