Friday, January 28, 2011

दस्तावेज़...

दस्तावेज़...

*******

ज़िन्दगी एहसासों का दस्तावेज़ है,
पल-पल हर्फ़ में पिरो दिया,
शायद कभी कोई पढ़े मुझे भी !

- जेन्नी शबनम (26. 1. 2011)

_______________________________