Monday, December 23, 2013

431. मन (10 हाइकु)

मन (10 हाइकु)

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1.
मन में बसी
धूप सीली-सीली-सी
ठंडी-ठंडी सी ।

2.
भटका मन
सवालों का जंगल
सब है मौन ।

3.
शाख से टूटे
उदासी के ये फूल
मन में गिरे ।

4.
बता सबब
अपने खिलने का,
ओ मेरे मन 

5.
मन के भाव
मन में ही रहते
किसे कहते ?

6.
मन पे छाया
यादों का घना साया,
ख़ूब सताया ।

7.
कच्चा-सा मन
जाने कैसे है जला
अधपका-सा ।

8.
सोच का मेला
ये मन अलबेला
रातों जागता ।

9.
यादों का पंछी
डाल-डाल फुदके
मन बौराए ।

10.
धीरज पगी
मादक-सी मुस्कान
मन को खींचे 

- जेन्नी शबनम (13. 12. 2013)

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